जनरल बिपिन रावत का शोध केंद्र बना था हापुड़ का एसएसवी कॉलेज
हापुड़। सीडीएस जनरल विपिन रावत का हापुड़ से गहरा नाता रहा है। मेरठ कॉलेज, मेरठ से पीएचडी करने के दौरान वह कई बार हापुड़ आए थे। हापुड़ का एसएसवी कॉलेज उनकी पीएचडी का शोध केंद्र बना था।
जनरल बिपिन रावत ने 1994 में सेना में मीडिया की भूमिका विषय पर मेरठ कॉलेज, मेरठ में प्रोफेसर एमेरिटस हरवीर शर्मा के सानिध्य में पीएचडी शुरू की थी। उस वक्त वह लेफ्टिनेंट जनरल थे। उनकी तैनाती आगरा में थी। एसएसवी पीजी कॉलेज का रक्षा अध्ययन विभाग शोध के मामले में बेहतर माना जाता है। इसके चलते वह रिसर्च के सिलसिले में एसएसवी कॉलेज आते रहते थे। कॉलेज के प्रोफेसर्स और अन्य शिक्षकों से विभिन्न मुद्दों पर लंबी बातचीत करते थे। उनकी अपने विषय पर असाधारण पकड़ थी। एसएसवी कॉलेज के एक प्रोफेसर ने बताया कि जनरल रावत कॉलेज के रक्षा अध्ययन विभाग के शिक्षकों के सहयोग से 1996 में अपनी पीएचडी पूरी की थी। उन्हें याद कर कॉलेज के शिक्षक और प्रबंध समिति के पदाधिकारी भावुक हो गए। सभी ने कहा कि जनरल रावत बेहद हंसमुख मिजाज के व्यक्ति थे।
दाल रोटी था पसंदीदा भोजन
एसएसवी पीजी कॉलेज के एक सेवानिृवत्त शिक्षक ने बताया कि जररल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका को दाल रोटी बेहद पसंद था। पीएचडी के सिलसिले में वह जब भी हापुड़ आए, उनके घर भोजन करके जाते थे। प्रोफेसर की पत्नी उस क्षण को याद कर भावुक भी हो गईं।
--------------------
जनरल रावत जिस समय पीएचडी कर रहे थे, उस वक्त मैं श्री शिक्षा प्रसार समिति का सदस्य था। कई बार उनसे मिलना हुआ। वह बेहद विनम्र स्वभाव के थे। उन्होंने कभी अपने पद का घमंड नहीं किया। उनका निधन स्तब्ध करने वाला है। - सुरेश चंद संपादक, सचिव एसएसवी कॉलेज
एसएसवी कॉलेज जनरल रावत की पीएचडी का शोध केंद्र रहा है। रक्षा अध्ययन विभाग में पीएचडी के लिए आने वाले युवाओं को जनरल रावत की विनम्रता और लगन का उदाहरण दिया जाता है। उनकी मृत्यु से गहरा आघात पहुंचा है। -डॉ पंकज शर्मा, पूर्व प्रवक्ता, रक्षा अध्ययन विभाग , एसएसवी कॉलेज
कॉलेज ने दी श्रद्धांजलि
सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन पर एसएसवी पीजी कॉलेज के शिक्षकों व प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, सचिव सुरेश चंद्र संपादक, उप सचिव जोनी उर्फ अमित अग्रवाल छावनी वाले, डॉ. रामअवतार त्यागी, डॉ. सुबोध शर्मा, डॉ.आरपी सिंह, डॉ.सुशील सिद्धू, डॉ. सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।