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क्लीनिक में जगह नहीं, नाले के किनारे हो रहा मरीजों का इलाज

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क्लीनिक में जगह नहीं, नाले के किनारे हो रहा मरीजों का इलाज
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हापुड़। जिले में बुखार लोगों की जान ले रहा है और चिकित्सक क्लीनिक में जगह न होने पर नाले के किनारे मरीजों का इलाज कर रहे हैं। यहां स्वच्छ हवा तो दूर मरीजों को दुर्गंध और धूल भी झेलनी पड़ रही है। मरीजों को जल्द स्वस्थ करने के लिए स्टेरॉयड की डोज दी जा रही हैं। अयोग्य स्टॉफ मरीजों का उपचार कर रहा है।
जिले में बहुत से बड़े अस्पतालों के चिकित्सकों ने अपनी डिग्रियों के जरिए शहर के गली, मोहल्लों में क्लीनिक खोल लिए हैं। बुलंदशहर रोड पर भी इसी तरह के कई क्लीनिक हैं। रविवार को एक क्लीनिक में करीब आधा दर्जन मरीज भर्ती किए हुए थे, सभी मरीज बुखार से बेहाल थे। क्लीनिक के अंदर जगह तक नहीं थी, ऐसे में बाहर नाले के किनारे बैंच डालकर उन्हें लिटाया गया था। यहां मरीजों को ग्लूकोज चढ़ायी जा रही थी। स्टेरॉयड का अधिक इस्तेमाल मरीजों पर किया जा रहा था। बड़ी बात यह है यहां नाले का निर्माण किया जा रहा था, जहां काफी धूल भी उड़ रही थी। मरीजों को सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था। बेंच पर जगह नहीं होने के कारण मरीज बैठकर भी ग्लूकोज लगवाते नजर आए। जिले में बड़े पैमाने पर इस तरह के क्लीनिक मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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मेडिकल स्टोर भी उठा रहे मजबूरी का फायदा
क्लीनिक के आसपास मौजूद मेडिकल स्टोर भी मरीजों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। क्लीनिक में जगह नहीं मिलने पर मेडिकल स्टोर के बाहर भी मरीज को भर्ती किया जाता है। भले ही सुविधा के तौर पर एक बैंच मिले, लेकिन इसके एवज में भी 300-500 रुपये तक मरीज से वसूल लिए जाते हैं।
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ऐसे क्लीनिक होंगे बंद
मरीजों के उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त बेड और उपचार की सुविधा है। निरीक्षण कर इस तरह के क्लीनिक बंद कराए जाएंगे। -डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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