6 लैब टेक्नीशियन हटाए, घट गई कोरोना की जांच
हापुड़। स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग के जरिये रखे गए छह लैब टेक्नीशियनों को सेवा से मुक्त कर दिया गया है। इन कर्मियों को जिला पंचायती राज विभाग के बजट से वेतन मिल रहा था। वहीं 15 टेक्नीशियन एनएचएम से रखे गए हैं, जिनका कार्यकाल भी दिसंबर में खत्म हो रहा है। इन्हें भी निकालने की तैयारी हो गई है। कोरोना का खतरा अभी टला नहीं, ऐसे में यदि महामारी फैली तो स्वास्थ्य विभाग के माइक्रोबायोलॉजी में बचे कर्मचारी भी जांच का लक्ष्य पूरा नहीं कर सकेंगे।
जिले में दो अप्रैल 2020 को कोरोना का पहला मरीज मिला था। इसके बाद से तेजी से जांच का दायरा बढ़ा। स्वास्थ्य विभाग के टेक्नीशियन कम पड़े तो आउट सोर्सिंग से करीब 22 लैब टेक्नीशियन रखे गए। पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर काफी खतरनाक थी, इस विषम परिस्थिति में रोजाना दो से ढाई हजार लोगों की जांच की गई।
लेकिन अब संक्रमण के कमजोर पड़ते ही 6 लैब टेक्नीशियनों को हटा दिया गया है।वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भी 15 टेक्नीशियन रखे गए थे। जिनका कार्यकाल भी सिर्फ दिसंबर तक ही है।
अब त्योहारों पर शासन से रोजाना 2 हजार लोगों की जांच के आदेश हुए हैं। लेकिन कम स्टाफ के कारण अभी प्रतिदिन 1200 के करीब ही जांच हो पा रही हैं। विशेषज्ञ तीसरी लहर का भी अंदेशा जता रहे हैं, ऐसे में यदि हालात बिगड़े तो जांचों का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि दिसंबर महीने में 15 अन्य टेक्नीशियन को भी विदाई देने की तैयारी है।
बन सकती है हंगामे की स्थिति
पहले फेज में सिर्फ छह टेक्नीशियन हटाए गए हैं, जिन्हें भविष्य में नौकरी का भी खतरा है। ऐसे में शांति से वह अपने घर चले गए, लेकिन अब 15 टेक्नीशियन यदि एक साथ हटाए जाएंगे तो हंगामे का माहौल भी बन सकता है।
जांच का लक्ष्य होगा पूरा
जिले में जांच की गति को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। चार सीएचसी और जिला अस्पताल पर तीन तीन टेक्नीशियनों को जांच के लिए लगाया गया है। विभाग के अपने टेक्नीशियन भी कार्य कर रहे हैं। लक्ष्य के अनुसार जांच होंगी।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।