बिगास में बेकाबू हुआ बुखार, घर-घर में चढ़ रहा मरीजों को ग्लूकोज
हापुड़। बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव बिगास में बुखार बेकाबू हो गया है। घर घर में मरीजों को ग्लूकोज चढ़ायी जा रही है। इस गांव में डेंगू के सबसे अधिक मामले मिले हैं। बुखार से पीड़ित मरीजों की ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही हैं, जिससे उनमें दहशत बनी है। स्वास्थ्य विभाग से खास सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीज झोलाछापों के भरोसे हैं।
जिले में डेंगू ने बीते साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, बिगास गांव में 12 से अधिक मरीज अब तक मिले हैं। शुरूआत में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस गांव में लार्वा खोज का अभियान और स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए गए थे। लेकिन अब मरीजों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। इस गांव में कोई घर ऐसा नहीं है, जहां बुखार के मरीज न हों।
पैसों से संपन्न मरीज बाहर के अस्पतालों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन जिनके पास पैसों की तंगी है, वह गांव में ही झोलाछापों से उपचार करा रहे हैं। इस गांव में कई स्थानों पर मरीज घर पर ही ग्लूकोज चढ़वाते हुए दिख जाएंगे। आश्चर्य की बात यह है कि अधिकांश मरीजों की ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही हैं। जिससे उनमें दहशत का माहौल है। क्योंकि डेंगू में भी ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से गिरती हैं।
-रसूलपुर में भी बीमारी से बुरा हाल-
गांव रसूलपुर में भी बुखार का काफी प्रकोप है। इस गांव में बहुत से मरीज बुखार से तप रहे हैं। जिनके लिए भी उपचार की कोई खास सुविधा नहीं है। ऐसे में यहां के मरीजों को गांव में ही इलाज कराना पड़ रहा है।
-तीन डेंगू के मरीज मिले-
जिले में डेंगू के तीन नए मरीज मिले हैं, जिसके बाद संख्या बढ़कर अब 82 पहुंच गई है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी संदिग्ध मरीजों की भरमार है। दोबारा से बुखार का प्रकोप बढ़ा है।
-वायरल, टाइफॉयड के मरीजों की बढ़ी तादात-
जिले में वायरल, टाइफॉयड का प्रकोप काफी बढ़ गया है। गढ़ रोड सीएचसी की ओपीडी में रोजाना 1100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 55 मरीज बुखार के पहुंचे, जिसमें चार को टाइफॉयड और बाकी मरीजों में वायरल बुखार की पुष्टि हुई।
-मलेरिया के 22 संदिग्ध मरीजों की हुई जांच-
अस्पताल में मलेरिया के 22 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई। गनीमत रही कि इन मरीजों में मलेरिया आदि की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि इन मरीजों में लक्षण इसी बीमारी के मिल रहे हैं।
---
-लार्वा खोज का अभियान जारी-
जिले में डेंगू पर नियंत्रण के लिए लगातार टीमें डेंगू के लार्वा की खोज कर उसे नष्ट करने में जुटी हैं। डेंगू के हर मरीज की निगरानी करायी जा रही है। मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देना प्राथमिकता है, बिगास गांव में भी कैंप लगाए गए हैं।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
--
जतिन त्यागी 13एचपीआर04