पेड़ के नीचे मरीजों को लगा रहे थे ड्रिप, तीन अस्पताल सील
हापुड़। स्वास्थ्य विभाग की टीम बृहस्पतिवार को जांच के लिए निकली तो तीन निजी अस्पतालों में मरीजों की जान से खिलवाड़ की तस्वीर सामने आई। बुखार से तपते मरीजों को पेड़ के नीचे लिटाकर ड्रिप लगाई जा रही थी। एक जगह टीन शेड के अंदर एक ही स्टैंड पर कई बोतलें लटकाकर कई-कई मरीजों को लगी थीं। एक अस्पताल के अंदर मरीजों के बेड के पास ही इस्तेमाल की गई सिरिंज एवं अन्य कचरा भरा था। तीनों अस्पताल सील कर दिए गए हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ प्रवीण शर्मा, सीएचसी अधीक्षक डॉ दिनेश खत्री, डीपीसी परीक्षित तेवतिया, लोकेश कुमार की टीम पहुंची तो न्यू भारत नर्सिंग होम के डॉक्टर क्लीनिक बंद कर भाग गए। डॉ मोहब्बत अली के अस्पताल में मरीजों को पेड़ के नीचे खुले में लिटाकर ड्रिप लगाई जा रही थी। यहां मरीजों की भीड़ लगी थी, कोरोना गाइडलाइन का भी पालन नहीं हो रहा था। अंदर बायो मेडिकल कचरा फैला था। एक के संचालक अस्पताल बंद कर भाग गए तो दूसरे के पास पंजीकरण के कागजात नहीं थे।
श्रीराम मैमोरियल हॉस्पिटल में 9 अगस्त की रात अठसैनी निवासी प्रीति की प्रसव के बाद मौत हो गई थी। अस्पताल में एक नवजात की भी मृत्यु हो गई थी। पीड़ित के परिजनों ने थाने में तहरीर देकर अस्पताल पर कार्रवाई की मांग की थी। इसी की जांच करने टीम पहुंची थी। अस्पताल संचालकों ने पंजीकरण के दस्तावेज थाने में जमा होने की बात कही। इस पर टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।
गढ़ के न्यू भारत नर्सिंग होम में 16 अगस्त को दोतई निवासी जीशान की मृत्यु हो गई थी। तीमारदारों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम नर्सिंग होम संचालकों का इंतजार करती रही पर वह नहीं पहुंचे। नवज्योति अस्पताल में भी टीम जांच के लिए पहुंची। टीम ने नोटिस देकर तीन दिन के अंदर संचालक को पंजीकरण संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
सीएचसी अधीक्षक : न्यू भारत नर्सिंग होम बंद मिला। जिसके कारण इसमें चिकित्सकों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। डॉ मोहब्बत अली एमबीबीएस डिग्री धारक हैं। श्रीराम मैमारियल अस्पताल में बीएमएस डिग्री धारक चिकित्सक मिले। हालांकि इस अस्पताल के दस्तावेज थाने में जमा हैं, इन दस्तावेजों के मिलने के बाद चिकित्सक की स्थिति स्पष्ट होगी। इन तीनों अस्पतालों को सील करदिया गया है।