सितंबर में शुरू होगा गढ़-मेरठ हाईवे चौड़ीकरण का काम
हापुड़। गढ़-मेरठ हाइवे निर्माण के लिए एनएचएआई द्वारा सर्वे शुरू कर दिया गया है। सड़क की गुणवत्ता सही रखने के लिए मेरठ से गढ़ के बीच गुजरने वाले वाहनों की स्थिति और संख्या की जानकारी जुटाई जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि अधिग्रहण का कार्य अगस्त माह में पूरा करने के बाद सितंबर से इसके चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मेरठ-गढ़ एनएच-709 ए के चौड़ीकरण की कवायद तेज हो गई है। भूमि अधिग्रहण का कार्य तेज होने के साथ इसके निर्माण की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही हैं। फिरलाह एनएचएआई द्वारा हाईवे का सर्वे किया जा रहा है। गढ़ से मेरठ के बीच इस रोड का दो लेन से चार लेन चौड़ीकरण होना है। एनएचएआई की टीमें इस बात की जानकारी कर रही हैं कि इस रोड से प्रतिदिन कितने वाहन गुजरते हैं और किस किस प्रकार के वाहनों की संख्या अधिक है। इसके अलावा प्रतिदिन गुजरने वाले वाहनों की सूची भी तैयार की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सड़क की गुणवत्ता और उसके डिजाइन को बेहतर बनाने के लिए यह सर्वे किया जा रहा है। जिन स्थानों पर शहरों का दबाव अधिक है, वहां उसी हिसाब से हाईवे को निकाला जाएगा और कट आदि दिए जाएंगे। इस सर्वे पर ही सड़क पर ओवर ब्रिज और कट के अलावा पार्किंग आदि होगी। विभाग के अधिकारियों ने जल्दी ही सर्वे पूरा करने का दावा किया है।
अगस्त के अंत तक पूरा होगा अधिग्रहण
जिले के आठ गांवों बदरखा, दौताई, खिलवाई, जनूपुरा, पौपाई, निजामपुर हिरनपुरा, लोधीपुर सोभन, नानपुर की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके तहत हापुड़ में कुल 110 करोड़ का मुआवजा बांटा जाना है। हापुड़ में करीब 30 करोड़ रुपये बंट जा चुका है। डीएम के आदेश के बाद मुआवजा वितरण में तेजी आई है। सितंबर माह में इस हाईवे का चौड़ीकरण शुरू हो जाएगा। करीब डेढ़ से दो साल में यह हाईवे बनकर तैयार हो जाएगा।
प्रतिदिन गुजरते हैं दस हजार से अधिक वाहन
मेरठ गढ़ के बीच सर्वे कर रही टीम ने बताया कि इस हाईवे पर एक दिन में करीब दस हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। इनमें लोडेड ट्रकों की संख्या भी अच्छी खासी है जो पूरी रात इस सड़क पर दौड़ते हैं। करीब तीन हजार के आसपास बड़े ट्रक एक दिन में यहां से गुजरते हैं।
एनएचएआई परियोजना निदेशक मोहम्मद खालिद : अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। हाईवे के चौड़ीकरण के लिए सर्वे कराया जा रहा है। इससे हाईवे पर गुजरने वाले वाहनों की स्थिति के बारे में जानकारी हो सकेगी। समय से चौड़ीकरण का कार्य शुरू होगा।