दाल की 11 दुकानों पर छापा, विरोध में व्यापारी हुए एकजुट
हापुड़। कालाबाजारी रोकने के लिए शासन के निर्देश पर जिले में गठित अधिकारियों की टीम ने शहर में व्यापारियों के प्रतिष्ठान पर छापा मारकर दालों का स्टॉक जांचा। कुल 11 फर्म के स्टॉक चेक किए, लेकिन दालों का स्टॉक ओवर नहीं मिला। हालांकि अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई का व्यापारियों ने विरोध किया। संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई।
डीएम अनुज सिंह ने विभिन्न विभागों के एसडीम सत्यप्रकाश सहित तीन जिला स्तरीय अधिकारियों की एक टीम कालाबाजारी रोकने के लिए गठित की थी। मंगलवार को टीम ने पक्काबाग स्थित दाल व्यापारियों के यहां छापा मारा। टीम द्वारा व्यापारियों का स्टॉक चेक किया गया। नियमानुसार एक फर्म दो हजार क्विंटल तक ही दाल का स्टॉक कर सकती है। इस दौरान 11 फर्म की जांच की गई, जिसमें सब कुछ सही पाया गया। हालांकि इस दौरान संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों की कार्रवाई का विरोध किया। इसके बाद टीम लौट गई।
एसडीएम सत्यप्रकाश ने बताया कि डीएम द्वारा यह कमेटी गठित की गई थी। उन्हीं के आदेशों पर जांच कर केवल स्टॉक चेक किया गया, जोकि सही मिला। ऐसे में उत्पीड़न का सवाल ही पैदा नहीं होता।
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व्यापारी बोले नहीं होगा उत्पीड़न बर्दाश्त
जांच के दौरान हापुड़ संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए और जांच का विरोध किया। अध्यक्ष ललित अग्रवाल (छावनी वाले) ने कहा कि इस प्रकार कई अधिकारियों की टीमों को देखकर कोई भी व्यापारी डर जाता है। मंडल के वरिष्ठ महामंत्री टुक्कीराम गर्ग ने कहा कि अलग-अलग सरकारी विभागों के अधिकारियों द्वारा एक साथ एकत्रित होकर किसी भी व्यापारी के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर जांच के नाम पर उसका उत्पीड़न नहीं होने देंगे। युवा उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजीव गर्ग (दतियाने वाले) ने कहा कि इस प्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापार मंडल के नेता संजय अग्रवाल बोले कि कोरोना काल में वैसे ही व्यापार ठप्प है। ऐसे में उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विरोध करने वालों में मुख्य रूप से अशोक (चावल वाले), छोटेलाल (चक्की वाले), सोनू बंसल, मनोज चावल वाला, पंकज कंसल, राजेश गर्ग, आशुतोष (बॉबी), भगवंत गोयल, वीरेंद्र गर्ग शामिल थे।