दुष्कर्म के दोषी की मदद करने वाले को दस वर्ष कारावास
हापुड़। नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी की मदद करने को लेकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) श्वेता दीक्षित ने तीसरे आरोपी को भी दोषी माना। दोषी को दस वर्ष सश्रम कारावास और 1.01 लाख के अर्थदंड लगाया।
विशेष लोक अभियोजक (पोक्सो) हरेंद्र त्यागी ने बताया कि सात नवंबर 2014 को धौलाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 16 वर्षीय नाबालिग को गांव बड़ौदा सिहानी, थाना धौलाना निवासी शहजाद अपने दो साथियों संग बहला फुसलाकर ले गया था। पीड़िता के परिजनों ने 15 नवंबर 2014 को तीनों आरोपी शहजाद, साहिब व भूरवा को दादरी में पकड़ा था। उनके चंगुल से पीड़िता को छुड़ाया था। इस मामले में साहिब व भूरवा ने शहजाद की मदद की थी। मामले में शहजाद व भूरवा को पूर्व में सजा हो चुकी है।
जबकि साहिब के फरार चलने की वजह से सुनवाई अलग चल रही थी। पिछले छह माह से आरोपी साहिब जेल में बंद है। पुलिस द्वारा मामले में चार्जशीट दाखिल करने के बाद न्यायालय में सुनवाई चल रही थी। अब न्यायाधीश ने साहिब पुत्र सत्तार गांव बड़ौदा सिहानी, थाना धौलाना निवासी को दोनों दोषियों की मदद करने के लिए विभिन्न धाराओं के साथ 120बी व पोक्सो 3/4 का दोषी का माना है। दोषी को विभिन्न धाराओं में 10 वर्ष सश्रम कारावास व 1.01 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। पीड़िता को अर्थदंड में से 80 प्रतिशत धनराशि व एक लाख रुपये पुर्नवास के लिए देने के आदेश दिए हैं।