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अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड न मिलने से दम तोड़ रहे मरीज

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अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड न मिलने से दम तोड़ रहे मरीज
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हापुड़। जनपद के अस्पतालों में आक्सीजन की कमी पूरी नहीं हो रही है। लोग बेड और आक्सीजन के लिए भटक रहे हैं। जिले के लगभग हर अस्पताल में बेड के लिए मारामारी मची हुई है। बड़ी बात है यह है कि इलाज की उचित व्यवस्था न मिलने से मरीज दम तोड़ रह हैं।
जनपद में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की किल्लत है। रविवार को शहर के एक निजी अस्पताल में कुछ ऐसे ही हालात देखने को मिले। यहां आक्सीजन खत्म होने की कगार पर पहुंच गई तो मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा। दरअसल, यह हालात जिले के अधिकतर अस्पतालों के हैं। यहां ऑक्सीजन का सीमित स्टॉक है। ऐसे मेें जल्द ही आपूर्ति नहीं हुुई तो दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। बताया गया है कि जिले में 11 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है और जबकि उपलब्धता मात्र छह मीट्रिक टन ही है। वर्तमान हालात में होम क्वारंटाइन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ने लगी, उन्हें अस्पतालों में एडमिट करने से इंकार किया जाने लगा है। मरीजों के तीमारदारों से अस्पताल में आक्सीजन न होने की बात कही जा रही है। इसके चलते तीमारदार परेशान और हताश होकर इधर से उधर भटकते नजर आए। सोमवार को गाजियाबाद निवासी अमरदीप ने जिला अस्पताल में अपनी मां को भर्ती कराया है। उचित इलाज न मिलने पर वह परेशान दिखा। उधर रूप किशोर माथुर के पिता की जिला अस्पताल में मौत हो गई। उनका रोकर बुरा हाल था।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि जैसे ही आक्सीजन की कमी होती है, उससे पहले ही आक्सीजन की सप्लाई मंगा ली जाती है। आक्सीजन या बेड की कमी के चलते अस्पतालों में भर्ती मरीजों को परेशानी नहीं होने दी गई है। जनपद में आक्सीजन की आपूर्ति हो गई है।
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