गंगा में प्रदूषण रोकने के लिए लगेगी जालीदार फैं सिंग
हापुड़। ब्रजघाट श्रद्धालुओं की सुरक्षा व गंगा में गिरने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए पुल के दोनों तरफ 10 फिट ऊंची रेलिंग के साथ जालीदार फैंसिंग लगाई जाएंगी। मंडलायुक्त ने हाल ही में ब्रजघाट का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने इस संबंध में आदेश दिए थे। उनके आदेश पर डीएम ने इसके लिए मुरादाबाद के परियोजना निदेशक को पत्र लिखा है।
ब्रजघाट पर गंगा का पुल कुल करीब 750 मीटर लंबा है। पुल के दोनों तरफ रेलिंग की ऊंचाई काम कम है। इस रेलिंग के ऊपर से जहां किशोरों द्वारा नहाने के दौरान आए दिन गंगा में छलांग लगाने के वीडियो वायरल होते रहते हैं। वहीं कुछ लोगों द्वारा पुल से गंगा में कूदकर आत्महत्या करने के मामले में भी प्रकाश में आते रहे हैं। वहीं कुछ लोगों द्वारा गंगा में कूड़ा भी डाला जाता है। पूजा हवन की सामग्री को पुल से नीचे गंगा में पॉलीथिन सहित विसर्जित कर दिया जाता है। जिसके कारण गंगा दूषित होती है। गत सप्ताह 18 मार्च को मेरठ मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने ब्रजघाट का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने गंगा में गंदगी रोकने के लिए पुल पर ऊंची जालीदार फैंसिंग बनाने के लिए कहा। मंडलायुक्त के निर्देश के बाद डीएम अनुज सिंह ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक को पत्र भेजकर इसके निर्माण के निर्देश दिए हैं।
ब्रजघाट गंगा पुल पर जालीदार फैंसिंग दिल्ली में यमुना के पुलों की तरह ही होगी। इस फैंसिंग को लगवाने का मुख्य उद्देश्य गंगा को प्रदूषण मुक्त रखना और आसपास के पर्यावरण को शुद्ध रखना है। करीब 750 मीटर पुल पर जालीदार फैंसिंग बनाने के लिए एनएचआईए मुरादाबाद द्वारा खर्च वहन किया जाएगा। फैसिंग पर दिल्ली की तर्ज पर ही हरियाली भी होगी। इस पर बास्केट के माध्यम से तरह तरह के फूलों और हरे भरी बेल आदि लगाई जाएंगी, जो पर्यावरण को शुद्ध करने के साथ साथ आकर्षक भी दिखेंगी।
डीएम अनुज सिंह ने बताया कि गंगा को निर्मल और साफ शुद्ध रखने के लिए पहले से ही प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में गंगा में कोई पुल से गंदगी न डाले, इसके लिए यह फैंसिंग जरूरी है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि से भी इसकी आवश्यकता है। इस संबंध में मंडलायुक्त के निर्देशों के बाद परियोजना निदेशक मुरादाबाद को पत्र भेज दिया गया है।