भले ही शहर में नगर पालिका परिषद हापुड़ के अफसर मानकों का पालन करते हुए मीट की दुकानों का संचालन कराने का दंभ भर रही हो, लेकिन धरातल पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के मानकों की अनदेखी कर मीट की दुकानों का संचालन हो रहा है। दुकानों पर मीट को टांगकर, बिना ढके ही बेंचा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पालिका अफसर मीट की दुकानों को एक स्थान पर लाने के लिए मीट मार्केट बनवाने की तैयारी कर रहे हैं।
हापुड़ शहर में तहसील चौपला स्थित सराय, बुलंदशहर रोड, सिकंदर गेट, मजीदपुरा, नवी करीम, पुराना बाजार छतरी वाला कुंआ, गद्दापाड़ा, मोदीनगर रोड आदि स्थानों पर सैकड़ों मीट की दुकानों का संचालन हो रहा है। हापुड़ शहर में बिना मानकों के मीट की दुकानों का संचालन होने से लोगों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। दुकानों पर खुले में मीट टंगा होने से लोगों को आवागमन में भी भारी परेशानी आती है।
इससे गंदगी व बीमारी फैलने की भी संभावना बनी रहती है। हापुड़ शहर में कई स्थानों पर सड़क किनारे ही चिकन को बिक्री हो रही है। हालांकि नगर पालिका अफसर मानकों के आधार पर ही मीट की दुकानों का संचालन करने का दावा करते हैं, लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं हो पा रहा है। इससे राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का भी पालन नहीं हो पा रहा है। जबकि पालिका अफसर कई बार मीट दुकान संचालकों के साथ बैठक कर चुके हैं।
क्या-क्या होने चाहिए मानक पूरे
-मीट दुकान संचालन के लिए नगर पालिका से एनओसी जारी होना।
-मीट की दुकानों पर काले शीशा लगा होना।
-दुकानों पर मीट को सड़ने से बचाने के लिए डीप फ्रीज की सुविधा।
-दुकानों पर साफ सफाई की व्यवस्था होना।
-मीट की सप्लाई होने का लेखा-जोखा रखना।
-आठ फिट जमीन पर टाइल्स लगी होनी चाहिए।
लोगों के स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़
बिना मानकों के मीट की दुकानों का संचालन होने से जान भी सांसत में पड़ सकती है। पिछले दिनों तहसील चौपला स्थित सराए से खरीदा हुए मीट खराब निकलने की शिकायत डीएम से की गई थी। पीड़ित व्यक्ति ने मीट की गुणवत्ता व हापुड़ के बाजार में मीट की उपलब्धता पर भी सवालिया निशान लगाए थे। मीट के लिए पशुओं का कटान बिना डॉक्टरी प्रक्रिया के होने की भी आशंका जताई थी। इससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने का अंदेशा जताया था।
पालिका के मीट मार्केट बनने पर मिलेगी राहत
हापुड़ शहर में मीट की दुकानों का एक छत के नीचे लाने के लिए नगर पालिका अफसर प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए में मीट मार्केट बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। पालिका अफसर जल्द ही मीट मार्केट बनाकर दुकानों की नीलामी कराएंगे। इससे पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दुकानों की नीलामी की जाएगी। इससे शहर में जगह-जगह पर मीट की दुकानों का संचालन होने पर भी रोक लग सकेगी।
नगर पालिकाध्यक्ष प्रफुल्ल सारस्वत ने बताया कि बिना मानकों के एनजीटी की दुकानों का संचालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। जल्द ही नगर पालिका की मीट मार्केट का निर्माण कराया जाएगा। इससे एक छत के नीचे मीट की दुकानों का संचालन हो सकेगा।