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दिवाली के पहले ही कर लिया पटाखों का स्टॉक

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दिवाली के पहले ही कर लिया पटाखों का स्टॉक
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हापुड़। दिवाली पर प्रदूषण की रोकथाम को लेकर एनजीटी की सख्ती भी बेअसर दिख रही है। पुलिस की प्रभावी कार्रवाई से पहले ही पटाखा कारोबारियों ने दीवाली को लेकर अधिकतर कारोबार कर लिया है। फुटकर पटाखा विक्रेताओं ने करीब एक माह पहले ही पटाखे खरीदकर का पूरा स्टॉक सुरक्षित ठिकाने पर कर लिया है। हालांकि दिवाली पर ग्रीन पटाखे जलाने के आदेश हैं। लेकिन प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों के धुएं में यह आदेश उड़ने तय हैं।
दिल्ली एनसीआर की आबोहवा को देखते हुए एनजीटी ने दिवाली पर केवल ग्रीन पटाखे जलाने की ही अनुमति रहती है। ऐसे में बाजारों में केवल ग्रीन पटाखों की ही बिक्री की जाती है। लेकिन हापुड़ में नियमों की अनदेखी हो रही है। दरअसल, पटाखा बेचने वाले फुटकर दुकानदारों की माने तो जिले में पिछले एक महीने से पटाखों की थोक में बिक्री हो रही है। फिलहाल जिले में पटाखा बनाने या बेचने के लिए भले ही किसी के पास लाइसेंस क्यों न हो, लेकिन अभी तक करोड़ों का कारोबार पटाखों का किया जा चुका है। रातों रात पटाखों की खेप डिमांड के अनुसार फुटकर विक्रेताओं के पास पहुंच जाती है। इन दुकानदारों ने दिवाली पर पटाखे बेचने के लिए अपने अपने स्तर से स्टॉक कर दिया है। दिवाली के आसपास चोरी छिपे इन पटाखों की बिक्री शुरू हो जाएगी।
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पुलिस पटाखों को लेकर नहीं है सख्त -
जिले की पुलिस और प्रशासन पटाखों की बिक्री को लेकर सख्त नहीं दिख रही है। अभी तक जिले की पुलिस ने अवैध रूप से पटाखे बनाने और उनका स्कॉट करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि बुलंदशहर रोड पर करीब दर्जन भर से अधिक ठिकाने पर लंबे समय से पटाखे बनाये जाते हैं। इसके अलावा पटाखे के थोक विक्रेताओं के खिलाफ भी कोई छापेमार कार्रवाई नहीं की गयी है। जबकि सूत्रों की माने तो हापुड़ से स्थानीय ही नहीं आसपास के जिलों को भी पटाखे सप्लाई हो रहे हैं।
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लाइसेंस के लिए बनी औपचारिकता -
जिले में पटाखों की बिक्री के लिए अनुमति दी जाती है। दिवाली से पहले प्रशासन द्वारा इसके लिए आवेदन लेकर लाइसेंस जारी किए जाते हैं। शुरूआत में इसकी सख्ती जरूर दिखाई देती है, लेकिन दिवाली आते आते सारी सख्ती हवा हो जाती है। ऐसे में आवेदन मात्र औपचारिकता बनकर रह जाते हैं और दिवाली के आसपास किसी प्रकार की सख्ती काम नहीं आती है।
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एडीएम जयनाथ यादव का कहना है कि जिले में एनजीटी के आदेशों के पालन के लिए अधिकारियों को आदेशित किया गया है। समय-समय पर जांच भी की जा रही है। केवल ग्रीन पटाखों की ही जिले में बिक्री हो, इसके लिए सख्ती से कार्य किया जाएगा।
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