स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को हुआ डेंगू
हापुड़। कोरोना महामारी के बीच जिले में डेंगू ने भी पैर पसार दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी में डेंगू की पुष्टि हुई है। करीब दस दिन तक निजी अस्पताल में चले उपचार के बाद हालत में सुधार हुआ है। क्योंकि ब्लड प्लेटलेटस भी महज 6 हजार रह गई थी। इस महामारी के बीच जिले के सरकारी, निजी अस्पतालों में अब सामान्य बुखार के मरीजों की तादात काफी बढ़ी है, प्रतिदिन करीब एक हजार से ज्यादा मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
कोरोना महामारी ने लोगों के स्वास्थ्य की कमर तोड़ रखी है। ऐसे में संचारी रोगों का खतरा भी अब बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी (अधीक्षक) को बीते दिनों बुखार हो गया था। हालत लगातार बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां जांच के दौरान वह डेंगू पॉजिटिव मिले।
लगातार ब्लड प्लेटलेटस गिरने से उनका स्वास्थ्य बिगड़ता गया। एक बार स्थिति यह बन गई कि शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स महज 6 हजार रह गई, जो स्वास्थ्य के लिए काफी गंभीर है। हालांकि किसी तरह उन्होंने रिकवर किया। उन्हें अब अस्पताल से छुट्टी तो मिल चुकी है, लेकिन अभी भी कमजोरी के कारण चलना मुश्किल हो रहा है।
कुल मिलाकर जिले में अब कोरोना के बाद डेंगू ने पैर पसार दिए हैं। सामान्य बुखार का प्रकोप तो दिनों दिन रिकॉर्ड तोड़ रहा है। अस्पतालों की ओपीडी मरीजों से भरी पड़ी हैं। जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रतिदिन बुखार के एक हजार से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। तराई वाले या बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। चिकित्सक बुखार से पीड़ितों की पहले कोरोना जांच कराते हैं, इसके बाद टायफाइड, मलेरिया व सीबीसी जांच कराते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम खोज रही लार्वा
स्वास्थ्य विभाग की टीम जिलेभर में अभियान चलाकर लार्वा की खोज कर रही है। इस दौरान घरों में रखे कूलर, छतों पर पड़े कबाड़, नालियों में स्प्रे कराया जा रहा है। साथ ही लोगों को डेंगू से बचाव के उपचार भी बताए जा रहे हैं।
-डेंगू के लक्षण-
* तेज बुखार, शरीर में दर्द होना।
* जोड़ों में तेज दर्द, घबराहट होना।
* आंख, नाक से खून आ सकता है।
* ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से गिरती हैं।
बचाव के तरीके-
* घरों में पानी जमा न होने दें, यह मच्छर साफ पानी में पनपता है।
* नालियों में एंटी लार्वा का स्प्रे करें।
* पूरे कपड़े पहने, खासकर दिन के समय यह मच्छर काटता है।
* समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
संचारी रोगों की रोकथाम को गठित होंगी समन्वय समिति-
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर समन्वय समितियां गठित होंगी। जिला, ब्लॉक, ग्राम स्तर पर बैठकें आयोजित कर, संचारी रोगों से बचाव की योजना बनायी जाएगी।
अधिकारी कहिन-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.रेखा शर्मा ने बताया कि संचारी रोगों पर शिकंजा कसने के लिए जिलेभर में टीमें एंटी लार्वा अभियान चला रही हैं। लोगों को डेंगू आदि बीमारियों से बचाव को लेकर जागरूक किया जा रहा है।