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भूतपूर्व बंद, हापुड़ के लोगों ने पेश की मिसाल

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सफल रहा हापुड़ की जनता का कर्फ्यू
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हापुड़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता कर्फ्यू की अपील को जिले के लोगों ने पूरी गंभीरता से लिया। जिले में सभी सड़कें, बाजार व गलियां सूनी पड़ी रहीं। सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दिए। मुस्लिम बहुल इलाकों में भी दुकानें बंद रही। जनता कर्फ्यू के दौरान बुलंदशहर रोड आदि स्थानों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जमे रहे। कुल मिलाकर हापुड़ जिले में जनता कर्फ्यू को लोगों का भारी समर्थन मिला।
सरकार की जनता कर्फ्यू की अपील को प्रशासन, विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और आम लोगों का शुरू से ही काफी समर्थन मिल रहा था। जिसका असर यह रहा कि रविवार को सुबह सात बजते ही हापुड़ शहर की सभी सड़कें सुनसान हो गईं। सड़कों पर ना तो कोई वाहन दिखाई दिया और ना ही अधिक लोग। सड़कों पर केवल इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दिए।
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इसके अलावा शहर में सभी दुकानें, ढाबे, रेस्टोरेंट और यहां तक की पान की दुकानें और मेडिकल स्टोर भी बंद रहे। शहर की गलियों में भी लोग दिखाई नहीं दिए। घरों के दरवाजे बंद थे और लोग अंदर थे। पूरा दिन लोगों ने टीवी देखकर या परिवार के लोगों के साथ इंडोर गेम्स में बिताया।
जनता कर्फ्यू के दौरान अधिकारी भी सड़कों पर मुस्तैद रहे। एसडीएम सत्य प्रकाश और सीओ राजेश कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ क्षेत्र का दौरा किया। कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा।
-रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड भी रहे सूने
जनता कर्फ्यू के दौरान बसों के साथ अधिकतर ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया था। इसका नतीजा रहा की रोडवेज बस स्टैंड व स्टेशन पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। स्टेशन पर ट्रेन आने के बाद इक्का-दुक्का यात्री इससे उतरकर शहर में जरूर पहुंचे लेकिन अधिकतर समय स्टेशन पर लोग दिखाई नहीं दिए।
-मुस्लिम बहुल इलाकों में सड़कों पर रही भीड़-
जनता कर्फ्यू के दौरान जहां शहर के अधिकतर क्षेत्रों में पूरी तरह से कर्फ्यू जैसे हालात रहे, वहीं, बुलंदशहर रोड पर थोड़ा अलग नजारा देखने को मिला। बुलंदशहर रोड के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में लोगों ने दुकान आदि तो बंद की हुई थी लेकिन लोग घरों के बाहर एकत्र दिखाई दिए। हालांकि इस दौरान पुलिसकर्मी लोगों से अंदर जाने की अपील करते नजर आए।
-ठेकों पर भीड़ से पुलिस मुश्किल में-
रविवार सुबह शहर तो पूरी तरह सुनसान और बंद रहा लेकिन शराब की दुकानें खुली थीं। ऐसे में करीब 11 बजे दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। शराब की दुकानों पर लोगों की भीड़ देख पुलिस प्रशासन चिंता में आ गया। दरअसल, रविवार को कर्फ्यू के दौरान ठेकों को बंद करने के कोई आदेश जारी नहीं किए गए थे। बाद में भीड़ को देखते हुए पुलिस को ठेकों को बंद कराना पड़ा। मेरठ रोड स्थित ठेके के पीछे शराब पी रहे लोगों को पुलिस ने लाठियां फटकार कर दौड़ाया। बताया जाता है कि यहां एक होटल भी खुला हुआ था जिसके आसपास लोग शराब पी रहे थे। पुलिस ने होटल बंद करवाते हुए सभी को यहां से भगा दिया।
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-बाबूगढ़ में भी सफल रहा जनता कर्फ्यू
जनता कर्फ्यू का असर बाबूगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी पूरी तरह दिखाई दिया। बाबूगढ़ कस्बे के अलावा कुचेसर रोड चौपला केसरी बाजार पूरी तरह बंद रहे। इस दौरान एक भी दुकान खुली हुई दिखाई नहीं दी। सड़कों पर भी केवल जरूरतमंद लोग ही निकलते दिखाई दिए। थाना प्रभारी निरीक्षक उत्तम सिंह राठौर पुलिस बल के साथ क्षेत्र में गश्त करते रहे।
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