बोर्ड परीक्षाओं के नजदीक आते ही अवैध कोचिंग सेंटरों का खेल शुरू
हापुड़। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक हैं। ऐसे में कोचिंग सेंटर संचालकों ने भी मौका भुनाने के लिए शॉर्ट टर्म के कैप्सूल कोर्स शुरू कर दिए हैं। इसके लिए छात्रों से दो से तीन हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है जिले में संचालित आधे से अधिक कोचिंग सेंटर अवैध हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसर भी इन अवैध कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
बोर्ड परीक्षा या सरकारी भर्तियां निकलते ही जिले के गली मोहल्लों में अवैध कोचिंग सेंटरों की दुकानें सज जाती हैं। सेंटर संचालक शिक्षा के अधिनियम को ताक पर रख स्टूडेंट्स से मनचाहा शुल्क वसूलते हैं। कई बार तो सेंटर संचालक स्टूडेंट्स से फीस एकत्र कर भाग जाते हैं। बीते दिनों रेलवे रोड पर ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया था। लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसर सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं।
-डीआईओएस बदलने के बाद नहीं चला अभियान-
जिले में अवैध रूप से संचालित कोचिंग सेंटरों की भरमार है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो जिले में 100 से अधिक सेंटर अवैध हैं। इस विषय में माध्यमिक शिक्षा विभाग अच्छी तरह से परिचित है। फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही है, डीआईओएस गजेंद्र सिंह के समय कार्रवाई की गई थी। लेकिन इसके बाद कोई अभियान नहीं चला है।
-कम समय का उठा रहे फायदा-
बोर्ड परीक्षा नजदीक आते ही छात्रों का रुझान कोचिंग सेंटरों की ओर है। छात्र कम समय में कोर्स का रिवीजन वर्क चाहते हैं। इसका फायदा उठाकर कोचिंग संचालक छात्रों से मन चाहा शुल्क वसूल रहे हैं।
-वसूली जाती है मोटी फीस-
कोचिंग सेंटरों में छात्रों से दस से पंद्रह दिन के कोर्स के लिए दो से तीन हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। मजबूरी में छात्रों को अनावश्यक शुल्क देकर अपना कोर्स पूरा करना पड़ रहा है। इससे अभिभावकों को भी काफी परेशानी हो रही है।
एसडीएम सत्यप्रकाश का कहना है कि इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देशित किया जाएगा। अवैध तरीके से कोचिंग सेंटर नहीं चलाने दिए जाएंगे।