भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति
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विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना (प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना) से लोगों को जुड़वाने व नौकरी दिलाने के नाम पर माफियाओं ने जाल बिछाना शुरू कर दिया है। इंटरनेट पर साइट बनाकर भर्ती के लिए आवेदन तक मांगे जा रहे हैं। जबकि शासन ने इसे फर्जी करार दिया है, साथ ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को ऐसे असामाजिक तत्वों पर नजर रखकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के तहत गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य लाभ देना है। हापुड़ में भी करीब 50 हजार परिवारों को इस योजना से जोड़ा गया है।
जिले के लाखों लोग इस योजना से वंचित रह गए हैं, जो आए दिन सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगाकर सूची में नाम जोड़ने का अनुरोध करते हैं। इसी का लाभ उठाकर अब जिलेभर में माफिया सक्रिय हो गए हैं। लोगों को सूची में नाम जुड़वाने का झांसा देकर उनसे हजारों रुपये ऐंठे जा रहे हैं।
इसके अलावा लोगों को फंसाने के लिए इंटरनेट पर आयुष मित्रों की भर्ती संबंधी फर्जी सूचना भी प्रसारित कर दी है। आवेदन के लिए साइट भी बनाई गई है, जो पूरी तरह से फर्जी है। प्रतिदिन अभ्यर्थी भर्ती की जानकारी करने सीएमओ कार्यालय आ रहे हैं, जहां उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है। साइट पर बाकायदा लिखा गया है कि आयुष मित्रों को 15 हजार रुपये मासिक मिलेंगे तथा भर्ती का अधिकारी सीएमओ को होगा जबकि यह सब हवा हवाई है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत आयुष मित्रों की कोई भर्ती नहीं निकली है और न ही पात्रता सूची में किसी का नाम जोड़ा या हटाया जा सकता है। लोग सचेत रहें, इस तरह की अफवाहों से दूर रहें। यदि कोई इस कार्य में संलिप्त दिखे, तो इसकी सूचना दे। शासन से भी इस संबंध में निर्देश मिले हैं।