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गढ़ चौपला पर बनी 17 दुकानों के ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी, व्यापारियों में रोष

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गढ़ चौपला पर बने बाजार में स्थित 17 दुकान। - फोटो : GARH
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गढ़ चौपला पर 17 दुकानों के ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी, व्यापारियों में रोष
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गढ़मुक्तेश्वर। चौपला पर स्थित धर्मशाला(प्याऊ) की भूमि बनी 17 दुकानों को अवैध बताते हुए एसडीएम ने नगर पालिका अधिकारियों के साथ पहुंचकर पांच दिन में कब्जा हटाने के लिए कहा। इसके विरोध में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया और दुकानें खाली न करने का निर्णय लेते हुए दो दिन तक बाजार बंद रखने की चेतावनी दी।
व्यापारियों के अनुसार गढ़ नगर पालिका के अंतर्गत चौपला पर स्थित आंबेडकर पार्क के सामने प्याऊ की जमीन के नाम से कहलाए जाने वाली भूमि पर करीब सौ साल से दिल्ली की एक ट्रस्ट का कब्जा है, जिस पर प्याऊ की धर्मशाला के नाम से इमारत भी बनी हुई है। इसी भूमि पर बनी दुकानों में कई व्यापारी 50 सालों से अपना कारोबार कर रहे हैं। व्यापारियों ने बताया कि पूर्व में हाईकोर्ट में इस संबंध में वाद दायर करने पर न्यायालय ने यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। इसके अलावा करीब 14 वर्ष पूर्व नगर पालिका द्वारा स्टांप दिए गए थे, जिसमें दुकानदारों के नाम और दुकान के नंबरों का भी उल्लेख किया गया था। इसके अलावा यह भूमि ट्रस्ट की दर्शायी गई थी, लेकिन आज वहीं नगर पालिका इन दुकानों को सरकारी जगह में दर्शा कर अवैध बता रही है। जिसको लेकर व्यापारी संजय, विशाल, दीपांशु, श्रीओम गुप्ता, ओमवीर सिंह, अजय, अमित, रोहित, मनोज, विनोद, अमन, राकेश, राजीव, सनी, रवि, राहुल, अंकित, प्रेमचंद, जानू ने पालिका और तहसील प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कहा कि यदि इस तरह से व्यापारियों पर अत्याचार किया जाएगा, तो दो दिन तक बाजार बंद भी किया जाएगा।
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गृह और जलकर क्यों वसूला
पालिका और तहसील प्रशासन व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहा है, यदि यह भूमि पालिका की है, तो इस भूमि पर अपना कारोबार कर रहे दुकानदारों से जलकर और गृहकर क्यों वसूला जा रहा था। - दीपांशु दीक्षित
पहली बताई ट्रस्ट की भूमि, अब सरकारी
नगर पालिका द्वारा 2008 में सभी दुकानदारों को नोटेरी स्टांप दिए गए थे, जिसमें साफ लिखा हुआ था कि उक्त भूमि धर्मशाला की है, लेकिन आज वहीं नगर पालिका अपनी भूमि बता रही है। - संजय कुमार
रोजगार छिनने से बढ़ेगी दिक्कत
कई सालों से इन दुकानों पर काम करने वाले लोगों को ध्वस्तीकरण करने के बाद रोजगार नहीं मिलेगा, इसके अलावा बाजार की रौनक भी खत्म हो जाएगी। व्यापारियों का उत्पीड़न करना काफी गलत है। - विशाल सिंघल
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कोट-
इस भूमि की नगर पालिका के अधिकारियों के साथ लेखपाल और राजस्व निरीक्षक द्वारा जांच कर ली गई है, जिसमें 1300 मीटर भूमि सरकारी है। जिसके चलते 17 दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। यदि अवैध रूप से कब्जा करने वाले दुकानदारों ने कब्जा नहीं हटाया तो पांच दिन बाद जेसीबी के माध्यम से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। - अरविंद कुमार, एसडीएम

गढ़ चौपला पर प्रदर्शन करते व्यापारी।- फोटो : GARH

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