शादी समारोह में डीजे व आतिशबाजी पर उलेमा नहीं पढ़ाएंगे निकाह
गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र के गांव वैठ में शादी समारोह में डीजे व आतिशबाजी होने पर उलेमाओं ने निकाह न पढ़वाने का निर्णय लिया है। शादियों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए शनिवार को गांव में पंचायत हुई। इसके अलावा समाज के युवाओं को कुरीतियों से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। वहीं प्रतिबंधित पशुओं का कटान न करने की भी अपील की गई।
गांव वैठ के मदरसा जामिया अरबिया एजाज उल उलूम के मोहतमिम कारी शौकत अली ने पंचायत के दौरान कहा कि मुस्लिम समाज में शादियों में फिजूलखर्ची का आलम बढ़ रहा है। डीजे, आतिशबाजी और दिखावा आम हो रहा है, जो किसी भी सूरत में जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि गांव समेत आसपास के क्षेत्र में शादियों में डीजे और आतिशबाजी की गई, तो उलेमा निकाह नहीं पढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिबंधित पशुओं के कटान पर रोक है, वहीं हमें दूसरे धर्म के लोगों की भावनाओं का भी सम्मान करना चाहिए। जिसके चलते प्रतिबंधित पशुओं का कटान नहीं होना चाहिए। इसके अलावा कारी शौकत अली ने कहा कि समाज में दहेज प्रथा, नशाखोरी, जुआ समेत अन्य कुरीतियां अपनी जड़े जमा रहे हैं, जो निश्चित ही पतन का कारण है। उन्होंने युवाओं को कुरीतियों से दूर रहने की शपथ भी दिलाई गई। हाजी रईस ने कहा कि युवाओं को आगे बढ़कर समाज के लोगों को जागरूक करना चाहिए। ताकि आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों को संदेश मिले। इस मौके पर मौलाना इकराम, मौलाना वसीम, मौलाना शाद, मौलाना नौशाद, आदिल शाह, नासिर, हाजी इस्माइल, साजिद प्रधान, शहजाद, शफायत, आसिफ, डॉ. बच्चू, हबीब सरवर, हाजी फुरकान, हबीब ठेकेदार, छोटे खान, हाजी नन्हे खान, शाहदत, मुनकाद, डॉ. महताब, फकीरा चौधरी, कारी अब्दुल्लाह, साहबउद्दीन समेत उलेमा और ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद