गढ़ खादर मेले में दौड़ के बाद घायल पशु का उपचार करते किसान।
- फोटो : GARH
प्रतिबंध के बावजूद हुई पशु दौड़
गढ़मुक्तेश्वर। पशु क्रूरता रोकने और श्रद्धालुओं समेत राहगीरों की सुरक्षा को लेकर प्रति वर्ष कार्तिक पूर्णिमा मेला आयोजन के दौरान पशु दौड़ पर प्रतिबंध रहता है लेकिन इसके बावजूद अराजक तत्व पशु दौड़ कराने से बाज नहीं आते। बुधवार को भी मेला क्षेत्र में पशु दौड़ हुई। इस दौरान एक पशु बेहोश हो गया। जिसमें बुग्गी सवार युवक भी गिरने से बाल-बाल बचा।
मेरठ,बड़ौत, बागपत समेत अन्य क्षेत्रों से आने वाले लोग मेलावधि के दौरान अपने गांवों से मेला क्षेत्र तक पहुंचने की शर्त लगाते हैं। जो शर्त जीतने के लिए पशुओं को बेतहाशा सड़कों पर दौड़ाते हैं, इस दौरान सड़क खाली कराने के लिए भैंसा-बुग्गी, बैल-गाड़ी के सामने बाइक सवार युवक तेज गति से चिल्लाते हुए दौड़ते हैं। जिससे हर तरफ अफरातफरी का माहौल बन जाता है। वहीं कई बार युवाओं के इस खेल में पशुओं की जान चली जाती है। हालांकि पशु दौड़ पर पर पुलिस की तरफ से प्रतिबंध लगा है लेकिन बुधवार को भी जनपद बागपत के युवाओं ने पशु दौड़ कराई। मेला क्षेत्र में पहुंचते ही एक बैलगाड़ी में जुता बैल बेहोश होकर गिर पड़ा, जिससे बुग्गी सवार युवक भी गिरा, लेकिन मिट्टी में गिरने के चलते उसे चोट नहीं लगी। काफी देर तक पशु की मालिश के बाद उसे होश आ सका।
कोट-
पशु दौड़ पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा है। किसी भी कीमत पर पशु दौड़ नहीं होने दी जाएगी। इस संबंध में उच्चाधिकारियों द्वारा पड़ोसी जनपदों के अधिकारियों से भी वार्ता की जा चुकी है। यदि कोई पशु दौड़ कराता है,तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - पवन कुमार, सीओ गढ़