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ब्रजघाट श्मशान घाट पर रात में भी हो रहे दाह संस्कार

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ब्रजघाट श्मशान घाट पर रात में भी हो रहे दाह संस्कार
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गढ़मुक्तेश्वर। कोरोना संक्रमण के चलते मृत्यु दर बढ़ने से परेशानियां भी बढ़ रही हैं। गंगानगरी ब्रजघाट के श्मशान घाट पर शुक्रवार शाम छह बजे तक 76 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। वहीं श्मशान घाट पर शाम के छह बजे के बाद भी चिताएं जल रही हैं, जबकि अब से पहले रात में एक या दो मृतकों का दाह संस्कार होता था। वहीं गंगा के कच्चे घाटों पर भी दाह संस्कार बढ़ गए हैं। इसे देखकर लोग सहमे हुए है।
रात के समय में भी ब्रजघाट के श्मशान घाट पर दाह संस्कार किए जा रहे हैं। ब्रजघाट पर मृतकों के नाम दर्ज करने वाले पालिका कर्मचारी राजीव ने बताया कि आमतौर पर हिंदू धर्म में रात के समय दाह संस्कार करने की मान्यता नहीं है। जिसके चलते रात के समय श्मशान घाट पर दो या तीन शवों का ही दाह संस्कार होता था, लेकिन वर्तमान में रोजाना पहुंचने वाले मृतकों की संख्या का आंकड़ा सवा सौ से अधिक पहुंचने लगा है। श्मशान घाट पर जगह कम होने के चलते मृतकों के परिजनों को इंतजार करना पड़ रहा है। जिसके चलते शाम छह बजे के बाद भी रोजाना 40 से 45 शवों का दाह संस्कार किया जा रहा है। राजीव ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात 45 शवों का अंतिम संस्कार हुआ, जबकि शुक्रवार को शाम छह बजे तक 76 शवों का श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया जा चुका है।
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लठीरा और पूठ के कच्चे घाटों पर भी बढ़ी संख्या
गंगा खादर क्षेत्र के गांव लठीरा और पुष्पावती पूठ पर गंगा के कच्चे घाटों के किनारे सुविधाएं न होने के चलते सप्ताह में एक या दो मृतक का ही दाह संस्कार होता था। लेकिन अब इन दोनों स्थानों पर भी शवों के पहुंचने की संख्या बढ़ चुकी है। लठीरा घाट पर समाजसेवी डीपी निषाद ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम छह बजे से शुक्रवार शाम छह बजे तक लठीरा घाट पर 15 शवों का और पुष्पावती पूठ पर 10 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं ग्रामीण दिनेश शर्मा ने बताया कि पुष्पावती पूठ के घाटों पर भी चार दिन से रोजाना 10 से 15 शवों को दाह संस्कार किया जा रहा है।
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