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कार्तिक पूर्णिमा मेला आज से शुरू

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अधूरी तैयारी के बीच आज से शुरू हुआ कार्तिक मेला
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गढ़मुक्तेश्वर। कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले की तैयारियों को लेकर एडीएम और एएसपी ने मेला स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्नानघाट समेत अन्य व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने का निर्देश दिया है। वहीं पीएसी के जवानों ने कैंप लगाकर अपना पड़ाव डाल लिया है।
गढ़ कार्तिक पूर्णिमा मेला अधिकारिक तौर पर शनिवार से आरंभ हो जाएगा। जिसमें 11 नंबवर को दीपदान और 12 को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान होगा। जिला पंचायत और स्थानीय प्रशासन मेले को शांतिपूर्वक और भव्य तरीके से पूर्ण कराने की तैयारियों में जुड़ा हुआ है। लेकिन अभी तक भी व्यवस्थाओं में काफी खामियां दिखाई दे रही हैं।
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गंगा के मुख्य स्नानघाट समेत अन्य सेक्टरों में बनने वाले स्नान घाटों को समतल बनाने का काम अभी तक नहीं हो सका है, जबकि छठ पर्व पर हजारों श्रद्धालु मेला स्थल पर पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। इसके अलावा दिल्ली-बुलंदशहर सेक्टर और पशु मेला क्षेत्र में गंगा तट पर रेत की ढांग बनी हुई हैं, जिनके गिरने से हादसों की भी संभावना बनी हुई है। जिसे समतल कर स्नानघाट बनाना जिला पंचायत के लिए काफी मशक्कत का काम है।
मेले में ट्रेफिक व्यवस्था को सुचारु रुप से चालू रखने के लिए पार्किंग स्थल बनाए जाते हैं। लेकिन मुख्य पार्किंग स्थल पर खड़ी गन्ने की फसल न कटने से पार्किंग का निर्माण भी नहीं हो पा रहा है। मेरठ सेक्टर, बुलंदशहर, हापुड़ और दिल्ली सेक्टर की तरफ की जाने वाली मुख्य सड़क तैयार हैं। मेला स्थल पर श्रद्धालुओं के पड़ाव डालने वाले स्थानों पर अभी लाइट की व्यवस्था भी नहीं हो सकी है। जिला पंचायत और प्रशासन की लेट लतीफी के आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
शुक्रवार को एडीएम जयनाथ यादव और एएसपी सर्वेश मिश्रा ने मेला स्थल का निरीक्षण कर मेले की तैयारियों को जल्द पूरा करने का दिशा-निर्देश दिया। अधिकारियों ने मेला स्थल पर की गईं व्यवस्थाओं को जायजा लेते हुए पुलिस लाइन, गंगा घाट, अस्थाई सड़क, पेयजल, सदर बाजार और पशु मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। जिन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं में खामी मिलने पर अधीनस्थों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
--मुख्य द्वार तैयार हुआ
कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला स्थल के मुख्य द्वार की सजावट कर तैयार कर लिया गया है। मुख्य द्वार के साथ पशु मेला, मेरठ सेक्टर, सदर सेक्टर और दिल्ली सेक्टर के लिए भी द्वार बनाए गए है। मेले के मुख्य द्वार को भगवा रंग में रंगा गया है। वहीं देवी-देवताओं की तस्वीर और रंग-बिरंगी लाइटों से भी सजाया गया है।
--पीएसी ने मेला स्थल पर पहुंचक पड़ाव डाला
मेरठ-मुरादाबाद जोन से कार्तिक पूर्णिमा मेले के स्नान के लिए पीएसी ने मेला स्थल पर पहुंचकर पड़ाव डाल लिया है। कार्तिक पूर्णिमा मेले के दौरान गंगा के कच्चे घाट पर श्रद्धालुओं की डूबने की घटनाएं अधिक रहती है। पीएसी के साथ में एनडीआरएफ की ड्यूटी भी रहती है। जो अभी तक नहीं पहुंची है।
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कार्तिक पूर्णिमा मेला के मुख्य पर्वों पर एक नजर
कार्तिक पूर्णिमा मेला अधिकारिक रूप से दो नवंबर को छठ पर्व पर आरंभ होगा। जिसके बाद चार नंवबर को गोपाष्टमी, पांच नंबवर को आंवला नवमी, आठ नवंबर को देवोत्थान एकादशी, 11 नंबवर को दीपदान चतुर्थदशी का आयोजन होगा। इसके अलावा 12 नंबवर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान पर्व होगा। इस दौरान 30 लाख से भी अधिक श्रद्धालु मेला स्थल पर पहुंचकर गंगा स्नान समेत अन्य धार्मिक अनुष्ठान कर धर्म लाभ कमाएंगे। प्रशासनिक स्तर पर मेले का समापन 14 नंबवर को किया जाएगा।
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