फर्जी बिल भेजने वाले कर्मचारियों पर नहीं हुई कार्रवाई
गढ़मुक्तेश्वर। फर्जी बिल भेजकर उपभोक्ताओं को चूना लगाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बजाए बिजली अफसर अपने दामन को पाक साफ बचाने की कवायद में जुटे हुए हैं, हालांकि प्रारंभिक जांच के बाद विभागीय स्तर से तीन कर्मचारी पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं।
करोड़ों की बकाएदारी में घिरे अधिकांश उपभोक्ता बिजली निगम और तहसील के संग्रह विभाग का शिकंजा कसता देख अपना बिल चुकता कर चुुके हैं। लेकिन इसके बाद भी करीब ढाई सौ उपभोक्ताओं पर पिछले कई महीनों से जमा की गई राशि को जोड़कर बिल भेजे जा रहे हैं, जिनमें ज्यादातर उपभोक्ता शिकायत और दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत पर विभागीय स्तर से जांच पड़ताल कराई गई थी, जिसमें गढ़ के बिजली डिवीजन कार्यालय में तैनात तीन कर्मचारियों को करीब डेढ़ माह पहले निलंबित भी किया जा चुका है। जिनके खिलाफ नलकूपों से जुड़े बकाएदार किसानों के कनेक्शन कटे दिखाकर उन्हें जोड़ने की एवज में तीन सौ रुपये कनेक्शन की दर से रकम वसूलने का आरोप लगा है, लेकिन इसके बाद भी किसानों के बिल रिवाइज होकर पहुंच रहे हैं। जिससे पूूरी तरह स्पष्ट है कि बिजली कर्मचारियों के स्तर से हुई इस बड़ी घपलेबाजी की रकम विभागीय कोष में जमा नहीं हो पाई है। कई पीड़ित उपभोक्ताओं ने अपने साथ हुई घपलेबाजी की शिकायत सीएम के जन सुनवाई पोर्टल समेत विभागीय स्तर पर भी दर्ज कराई हुई है, जबकि भाकियू भी डिवीजन दफ्तर पर हंगामा कर एक्सईएन का घेराव कर चुकी है।
एक्सईएन राकेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर विभागीय स्तर से तीन कर्मचारियों को निलंबित कर विस्तृत जांच कराई जा रही है, जिसमें सामने आने वाली सच्चाई के आधार पर आगे भी कड़ी कार्रवाई होनी तय है।