डीएम अभिषेक पांडेय की अध्यक्षता वाली जिला शुल्क नियामक समिति ने यह कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उन स्कूलों के लिए भी चेतावनी का काम करेगी जो मनमानी फीस वसूलते हैं। अभिभावकों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है।
नियमों के विपरीत अभिभावकों से अधिक फीस वसूली और निश्चित स्थान से किताबें खरीदने का दबाव बनाने आदि आरोपों की जांच के बाद पिलखुवा के अर्वाचीन पब्लिक स्कूल पर छह लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
इनमें एक लाख रुपये अधिक फीस और पांच लाख रुपये एक निश्चित स्थान से किताबे खरीदने का दबाव बनाने पर जुर्माना लगाया गया है। साथ ही अधिक फीस अभिभावकों को लौटाने का भी आदेश दिया गया है।
डीएम अभिषेक पांडेय की अध्यक्षता वाली जिला शुल्क नियामक समिति ने यह कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उन स्कूलों के लिए भी चेतावनी का काम करेगी जो मनमानी फीस वसूलते हैं। अभिभावकों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है।
विज्ञापन
छात्र के अभिभावक शिवम शुक्ला ने डीएम और अन्य अधिकारियों से अधिक फीस वसूली की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि स्कूल प्रबंधन द्वारा तय से अधिक फीस की वसूली की जा रही है। यहां तक कि एक ही निश्चित स्थान से किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
इस पर डीएम ने डीआईओएस डॉ. श्वेता पूठिया को जांच के आदेश दिए थे। पहले आठ अप्रैल और इसके बाद बृहस्पतिवार व शुक्रवार को स्कूल में जाकर जांच की। जांच में अभिभावकों व बच्चों के बयान भी दर्ज किए गए।
जांच में सामने आया कि वेबसाइट पर अंकित फीस से अधिक फीस कैश में ली जा रही है। प्रति छात्र कक्षा 11 व 12 में 20 रुपये का अंतर और कक्षा नौ व 10 में दस रुपये अतिरिक्त मासिक फीस अधिक वसूली की जा रही है। जांच के दौरान वेबसाइट से छेड़छाड़ कर तथ्य हटाया जाना भी पाया गया।