एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों में सफर करने वाले विकलांगों को भी निर्भया कार्ड जैसे परिचय पत्र (आई कार्ड) दिए जाएंगे। सात मई को लखनऊ में जीआरपी मुख्यालय में हुई बैठक में इस बाबत सभी जीआरपी थानों को गाइडलाइन जारी हुई है।
इसके जीआरपी ने कार्ड छपवाने का ऑर्डर दे दिया है। इन कार्ड पर एडीजी से लेकर थानेदार तक का सीयूजी नंबर अंकित होगा, ताकि दिव्यांग सफर के दौरान होने वाली परेशानी को अफसरों को अवगत करा सकें।
एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों में काफी संख्या में दिव्यांग (विकलांग) सफर करते हैं। उन्हें सीट के लिए ट्रेन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसकी शिकायत विकलांग भय की वजह से नहीं कर पाते।
कार्ड बनने के बाद वह किसी भी शिकायत को जीआरपी के अफसरों तक पहुंचा सकेंगे। लखनऊ में हुई बैठक के बाद जीआरपी अब दिव्य कार्ड बांटने की व्यवस्था करने जा रही है। यह कार्ड निर्भया कार्ड जैसे ही बांटे जाएंगे।
इन पर जीआरपी एडीजी, पुलिस अधीक्षक, सीओ और संबंधित थानेदार का सीयूजी नंबर अंकित होगा। ट्रेनों में स्कार्ट करने वाले जीआरपी के जवान इन कार्डों को सफर करने वाले दिव्यांगों को वितरित करेंगे।
बैठक में भाग लेकर आए जीआरपी एसओ सोमवीर सिंह ने बताया कि 07 मई को लखनऊ में इस संबंध में बैठक की गई थी। कार्ड वितरित करने के आदेश लखनऊ जीआरपी मुख्यालय पर हुई अपराध समीक्षा बैठक में एडीजी रेलवे ने दिए। कार्ड वितरित करने का मकसद ट्रेनों में दिव्यांगों की परेशानी को दूर करना है।