हापुड़। शहर से गांव तक बच्चों में हैंड फुट माउथ बीमारी का प्रकोप बढ़ गया है। इस बीमारी की चपेट में आने से हाथ, पैर और मुंह में छाले बन रहे हैं। साथ में बुखार भी आ रहा है। चिकित्सकों का दावा है कि यह माता या चिकन पॉक्स नहीं बल्कि एक वायरल से फैलने वाली बीमारी है।
दस वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बीमारी का असर अधिक दिख रहा है। पहले दिन तेज बुखार होता है, इसके साथ ही हाथ,पैर, मुंह और गले में छाले पड़ जाते हैं। इसके कारण बच्चों का चलना फिरना तो दूर कुछ खाना भी मुश्किल होता है। लोगों में भ्रम है कि यह रोग चिकन पॉक्स या माता निकलना है, लेकिन चिकित्सक इसे वायरल से फैलने वाली बीमारी बता रहे हैं।
सीएचसी के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरेंद्र राय ने बताया कि ओपीडी में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ी है। चिकन पॉक्स में लक्षण इस तरह के नहीं होते हैं। वायरल के कारण यह बीमारी एक से दूसरे बच्चे में तेजी से फैलती है। तीन से चार दिन के अंदर यह अपने आप ही खत्म हो जाती है। हालांकि यदि साथ में तेज बुखार बना रहे या कोई अन्य गंभीर लक्षण आए तो तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
गंभीर स्थिति होने पर देशी नुस्खों के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चों के खान-पान का विशेष ध्यान रखना है, डिहाईड्रेशन की समस्या नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ओपीडी में वायरल और त्वचा रोग से पीड़ित बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। वहीं, बुजुर्गों में मांसपेशियों का दर्द और गले में खराश की समस्या अधिक आ रही है।
- बच्चों को लेकर ये सावधानी बरतें
* संक्रमित बच्चों को स्कूल न भेजें।
* तरल पदार्थों का बच्चे को सेवन कराते रहें, ताकि डिहाईड्रेशन न हो।
* तला भुना और फास्ट फूड का सेवन न कराएं।
* बुखार या अन्य गंभीर लक्षण दिखने पर चिकित्सक से परामर्श दिलाएं।