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Hapur News: आज से ग्रैप लागू, प्रदूषण फैलाने पर लगेगा जुर्माना

Sat, 30 Sep 2023 10:19 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। मौसम में बदलाव के साथ वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। सुबह और रात में गुलाबी ठंड के साथ धुंध का असर दिखना शुरू हो गया है। पिछले 10 दिनों में एक्यूआई का स्तर 135 अंक बढ़ गया है। हालांकि प्रदूषण न बढ़े इसके लिए प्रदूषण विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में हापुड़ समेत एनसीआर क्षेत्र में एक अक्तूबर से ग्रैप की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
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पिछले कुछ दिन पहले हुई बारिश के कारण वातावरण खुशनमा बना हुआ है। प्रदूषण के स्तर की बात करें तो वर्तमान में स्थिति में सुधार था और पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार इसकी स्थिति काफी सही रही है। पिछले एक महीने में एक्यूआई 100 से नीचे ही रहा है। लेकिन दस दिन से सुबह शाम की ठंड बढ़ने के कारण मौसम में बदलाव शुरू हो गया है, जो आने वाले दिनों में तेजी से बढ़ेगा। वर्तमान में रात का तापमान 26 डिग्री, जबकि दिन में अभी भी गर्मी है और तापमान 33 डिग्री है। लेकिन अगले पंद्रह दिनों में दोनों ही तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। ऐसी स्थिति में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाएगा।



जिले में ग्रैप के तहत होगी कार्रवाई

हापुड़ का एक अक्तूबर से एक्यूआई ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के नियमों के तहत कार्रवाई होगी। एनजीटी के अन्य नियमों का भी सख्ती से ही पालन कराया जाएगा। इसके तहत खुले में कूड़ा जलाने पर नगर पालिका 25 हजार तक जुर्माना वसूल सकती है। इसके अलावा खुले में बिल्डिंग मैटीरियल डालने और धूल उड़ने पर भी कार्रवाई होगी।
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प्रदूषण विभाग के सहायक अभियंता विपुल कुमार ने बताया कि फिलहाल जनरेटर चलाने के लिए 31 दिसंबर तक छूट दी गई है। लेकिन इसके अब उद्यमियों को जनरेटर को डयूल फ्यूल मोड में बदलना पड़ेगा। इसके बाद ही जनरेटर को चलाया जा सकता है। फिलहाल प्रदूषण का स्तर सामान्य बना हुआ है। लेकिन इसे बढऩे से रोकने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।





ये रहेंगी पाबंदियां

- ढकाव के नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।

- हर दिन सड़कों की सफाई होगी। जबकि, हर दूसरे दिन पानी का छिडक़ाव किया जाएगा।

- होटल या रेस्तरां में कोयले या तंदूर का इस्तेमाल नहीं होगा

- कंस्ट्रक्शन से निकलने वाली धूल और मलबे के प्रबंधन को लेकर निर्देश लागू होंगे।

- खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसा करने पर जुर्माना वसूला जाएगा।

- जहां ट्रैफिक ज्यादा होता है, वहां ट्रैफिक पुलिस की तैनाती होगी.

उद्यमियों ने किया विरोध -

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से जारी निर्देशों का विरोध किया है। आईआईए के चेप्टर अध्यक्ष शांतनु सिंहल का कहना है कि उद्योगों के समक्ष सबसे बड़ी समस्या अपने डीजल जनरेटरों को सीएक्यूएम के निर्देशानुसार डयूल फ्यूल मोड में बदलने की है, जिसके लिए 7 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये का खर्च आएगा। जिसे लघु उद्योगों द्वारा वहन करना संभव नहीं है। इन परिस्थितियों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी उद्योगों को बंद करने के आदेश जारी कर देते हैं। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह किया है।



बायोडीजल के प्रयोग की मिले अनुमति-

आईआईए द्वारा डीजल जनरेटरों में डीजल के स्थान पर बायोडीजल के उपयोग की अनुमति देने की भी मांग की है। क्योंकि बायोडीजल स्वच्छ ईंधन है जो दुनिया के अनेक देशों में उपयोग किया जा रहा है।
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