जिला बनने के पांच साल बाद भी शहर के सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त पैथोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई है। इसके चलते मरीजों को गंभीर बीमारियों की जांच के लिए गाजियाबाद के अस्पतालों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
हापुड़ जिले में धौलाना, हापुड़, सपनावत और गढ़मुक्तेश्वर सहित चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। ये चारों अस्पताल कई साल से पैथोलॉजिस्ट की कमी से जूझ रहे हैं। कई अस्पतालों में तो एक भी पैथोलॉजिस्ट नहीं है।
ऐसे में यहां स्वाइन फ्लू, डेंगू, पोलियो, गुर्दे और लीवर की बीमारियों की जांच नहीं हो रही है। मजबूरन मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगे टेस्ट कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
अगर सरकारी अस्पताल में कोई मरीज जांच के लिए पहुंच जाता है तो कार्यरत चिकित्सक उसे गाजियाबाद अस्पताल के लिए रेफर कर देते हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एके सिंह का कहना है कि शासन को पैथोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए पत्र भेज दिया है। उम्मीद है कि जल्द सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजिस्ट की तैनाती कर दी जाएगी। गंभीर बीमारियों की जांच भी सरकारी अस्पतालों में होनी शुरू हो जाएंगी।