बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर अब जिले में ईट भट्टा 31 मार्च और जनरेटर 31 जनवरी तक बंद रहेंगे। एनजीटी ने वायु प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाते हुए यह निर्णय लिया है। आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कोहरे और जहरीला धुआं सर्दी के मौसम में मानव स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते हैं। बीते दिनों स्मॉग के कारण भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। पुआल जलाने के कारण कई राज्यों में स्मॉग इस कदर फैला था कि लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया था।
इससे लोगों को भविष्य में परेशानी न हो, इसको लेकर एनजीटी ने कड़ा रुख अपनाया है। पुआल आदि जलाने पर संबंधित व्यक्ति पर भारी जुर्माना ठोका जा सकता है।
नगर पालिका में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक के दौरान वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर पांच हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया।
प्रदूषण विभाग के अवर अभियंता जेबी सिंह ने बताया कि ईंट भट्टों व जनरेटरों का धुआं लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है।
इसके चलते एनजीटी के आदेश पर 31 मार्च तक भट्टों व 31 जनवरी तक जेनरेटरों का संचालन बंद रखा जायेगा। इस अवधि में यदि आदेश का उल्लंघन होता मिला तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।