गंगा का जलस्तर बुधवार को नरम पड़ा
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कई दिनों से उफान मार रहा गंगा का जलस्तर बुधवार को नरम पड़ गया, जिससे तहसील प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि बाढ़ संभावित गांवों की निगरानी जारी रखी है।
छह दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सिलसिला बुधवार को नरम पड़ गया। इसके चलते खादर क्षेत्र के 20 से भी अधिक गांवों के ग्रामीणों की बेचैनी थोड़ी कम हुई है। इसके बाद भी खादर के ग्रामीणों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
जंगल में जलभराव होने से चारे का संकट हो गया है। सिंचाई विभाग कंट्रोल रूम के सूत्रों का कहना है कि बुधवार को बिजनौर से 94 हजार 758 और हरिद्वार से 44 हजार 444 क्यूसेक पानी ही रिलीज किया जा सका है।
केंद्रीय जल आयोग के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा और गेज अधिकारी संत कुमार का कहना है कि 24 घंटों के भीतर गंगा के जलस्तर में पंद्रह सेंटीमीटर की गिरावट आई है। जलस्तर घटकर समुद्रतल से 198.35 मीटर के निशान पर पहुंच गया है।
हालांकि, बिजनौर बैराज और हरिद्वारा से छोड़ा गया पानी आने पर जलस्तर में फिर से बढ़ोतरी होगी। गढ़ खादर के गांव कुदैनी की मंढैया का प्राइमरी स्कूल चौतरफा पानी से घिर गया है। इसके बाद भी छुट्टी न किए जाने से बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे हैं।
हेड मास्टर देवेंद्र सिंह का कहना है कि विभागीय स्तर से कोई आदेश नहीं मिलने के कारण छुट्टी किया जाना संभव नहीं है।