जिले की शुगर मिलों द्वारा किसानों का करोड़ों का गन्ना भुगतान न करने पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी शुक्रवार को डीएम ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने कलक्ट्रेट में घुसने से रोका तो धक्का-मुक्की की गई और बैरिकेडिंग तोड़कर डीएम ऑफिस तक पहुंच गए।
किसानों के हंगामे को देखकर कलक्ट्रेट में भारी पुलिस बल तैनात रहा। शुक्रवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत भाकियू कार्यकर्ता नगर पालिका के बाहर गेट पर जमा हुए। कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री, प्रदेशा उपाध्यक्ष कुशलपाल आर्य, जिला संयोजक दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट की तरफ चल दिए।
रास्ते में एसएचओ राजेंद्र सिंह यादव, हाफिजपुर एसओ नरेंद्र कुमार शर्मा ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, कार्यकर्ता पुलिस से धक्का-मुक्की करते हुए डीएम ऑफिस तक पहुंच गए। डीएम ऑफिस के सामने बनी बैरीकेडिंग तोड़कर कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए।
जिला उपाध्यक्ष यशवीर सिंह ने कहा कि गन्ना भुगतान न मिलने से किसान परिवार भुखमरी के कगार पर है। शादियां भी नहीं कर पा रहे हैं। शुगर मिल और प्रशासन का रवैया मनमाना है। जिला प्रशासन ने 15 जनवरी तक किसानों का भुगतान कराने का आश्वासन दिया था।
तय समय निकलने के बाद भी खाते में रुपया नहीं पहुंचा। शुगर मिल चालू हुए तीन माह बीत गए, लेकिन प्रदेश सरकार ने गन्ने का मूल्य तय नहीं किया है। किसान क्रेसर पर गन्ना डालने को विवश है। वहां पर भगतराम, रामपाल सिंह, रामपाल सिंह चौहान, सतवीर सिंह, धीर सिंह मुखिया, बबल सिंह आदि मौजूद रहे।