गढ़ और सिंभावली दूषित भूजल का दंश झेल रहे ग्रामीणों पर बीमारियां कहर बरपा रहीं। शुक्रवार को थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के गंदूनंगला गांव किसान विरेंद्र सिंह (52) की कैंसर से मौत हो गई।
गढ़ क्षेत्र के 25 से अधिक गांवों का पानी बुरी तरह प्रदूषित है, जिसके पीने से सैंकड़ों ग्रामीण हेपेटाइटिस, पेट की बीमारी और कैंसर की चपेट में हैं।
बता दें कि गढ़-सिंभावली क्षेत्र में पिछले चार साल में 60 से अधिक लोग कैंसर के कारण जान गवां चुके हैं। गंदूनंगला गांव के किसान विरेंद्र सिंह की तबियत करीब एक साल बिगड़ गई थी।
वह पेट और गले में दर्द से परेशान था। परिजनों ने पहले मेरठ और नोएडा में जांच कराई तो पेट और गले के कैंसर की पुष्टि हुई थी। अब उसका इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा था।
शुक्रवार तड़के विरेंद्र की मौत हो गई। उसके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बेटे ज्वाला सिंह ने बताया कि दिल्ली मेें काफी इलाज कराने के बाद भी डॉक्टर पिता की जान नहीं बचा सके।
गंदूनंगला के ग्रामीणों का कहना है कि गढ़-ब्रजघाट, सिंभावली में अधिकांश गांवों का भूजल दूषित है। जिसके पीने से हेपेटाइटिस ए, बी और सी और कैंसर फैल रहा है।
पांच सप्ताह में गढ़ में पालिका सदस्य अमित शर्मा, पूर्व अध्यापिका चंद्रवती, गांव सेहल में ब्रिजेश देवी, सिंभावली के गांव रतूपुरा में हुस्नजहां, गंदूनंगला में तारादेवी, ब्रजघाट में राकेश कुमार, मुरादपुर में पशु व्यापारी इकरार खां की हो चुकी है।
पर्यावरणविद् प्रो.अब्बास अली का कहना है कि सिंभावली डिस्टलरी और स्याना के दूध प्लांटों का वेस्ट और नालों का पानी गंगा में गिर रहा है। इस कारण गंगा प्रदूषित हो रही है।
साथ ही आसपास के गांवों का पानी भी खराब हो गया है। यहां तक कि हैंडपंप भी दूषित पानी उगल रहे हैं। शिकायत करने पर प्रशासन सिर्फ भूजल के नमूने भेजकर खानापूर्ति कर देता है।
जिन गांवों का पानी दूषित है, वहां के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। गांवों के जंगल से होकर पूठ गंगा में गिर रहे नाले को भी बंद कराया जाएगा। - केबी सिंह, एसडीएम
दूषित पानी के कारण हेपेटाइटिस बी और सी नहीं होता है। विभाग भूजल के नमूने लेकर जांच के लिए भेजता है। जिन गांवों के लोग बीमार हैं, वहां कैंप लगाए जाएंगे। - डॉ. सुभाष चंद्र गुप्ता, सीएमओ