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Hapur News: पांच करोड़ से आठ हजार घरों में दूर होगा पेयजल संकट

Mon, 11 Nov 2024 09:56 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। अमृत योजना 2.0 के तहत शहर में हजारों लोगों की पेयजल समस्या का समाधान होगा। जल निगम के अधिकारियों ने शासन को डीपीआर बनाकर भेजी थी, वह अंतिम चरण में है और इसी सप्ताह स्वीकृति मिल जाएगी। पांच करोड़ की लागत से पेयजल पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद आठ हजार घरों में कनेक्शन दिया जाएगा।
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पानी के कनेक्शन देने के लिए करीब 38 किलोमीटर की नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। जिन मोहल्लों को योजना में शामिल किया गया है, उनके अधिकतर हिस्सों में पानी की पाइप लाइन नहीं है। यहां तक कि पाइप लाइन पुरानी और जर्जर हो चुकी है। इसे भी बदला जाएगा। डीपीआर की स्वीकृति के बाद एक माह के अंदर टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। योजना का उद्देश्य नगरों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना है, जिसके लिए ही केंद्र सरकार ने अमृत योजना की शुरूआत की थी। अब योजना को केंद्र, प्रदेश व संबंधित नगर पालिका मिलकर संचालित कर रहे हैं।



ओवरहेड टैंक और नलकूपों का होगा निर्माण

जल निगम ने अमृत योजना 2.0 में शहर को तीन चरण व 19 जोन में बांटा था। इसमें से दूसरे चरण के जोन-12 से लेकर 19 तक के कार्यों की डीपीआर भेजी थी। इस डीपीआर के कुछ हिस्से को पहले ही स्वीकृति मिल गई है। जिसमें पानी की आपूर्ति के लिए एक ओवरहेड टैंक, छह नलकूप भी लगाए जाएंगे। इस कार्य पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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16 मोहल्ले में दूर होगा पेयजल संकट

मोहल्ला सैनी नगर, रफीकनगर, मजीदपुरा, अपना घर कालोनी, त्रिलोकीपुरम, अली नगर, ईदगाह रोड, राजीव विहार, शंभुपुरा, टीचर्स कालोनी, लज्जापुरी, चमरी, हर्ष विहार, अर्जुन नगर सहित अन्य मोहल्लों में काम होगा।



जमीन न मिलने के कारण अटका काम

शासन ने मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 20 को चिह्नित किया था। योजना के तहत मोहल्ला रफीकनगर और रामगढ़ी में हर घर को 24 घंटे पानी की आपूर्ति दी जानी है, इसके लिए 1700 घरों को शामिल किया गया है। साथ ही 12 किलोमीटर की पाइप लाइन बिछाई जाएगी और मीटर लगेंगे। इसके अलावा दो ओवरहेड टैंक व दो नलकूप भी लगाए जाएंगे। इसके लिए आठ करोड़ रुपये की लागत से टेंडर प्रक्रिया भी करीब एक माह पहले पूरी कर ली गई है, लेकिन अभी तक भी जमीन न मिलने से कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस प्रोजेक्ट में उन पालिकाओं को चिह्नित किया गया था, जिनकी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी एक लाख से अधिक है।
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कोट -

दो पार्ट में डीपीआर बनाकर भेजी गई थी। इसमें एक पार्ट का कुछ इसी सप्ताह में शासन से स्वीकृत हो जाएंगे। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देंगे।

- विशाल रुहेला, सहायक अभियंता, जल निगम शहरी
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