सिंभावली ब्लॉक के सरकारी स्कूलों में मास्टर साहब बच्चों को पढ़ाई बाद में कराते हैं, पहले उनसे स्कूल में सफाई कराई जाती है। मामले की जानकारी पर अभिभावकों में रोष है। वहीं, अफसर मामले में जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
देश और प्रदेश में फैली अशिक्षा की गंभीर समस्या की रोकथाम के लिए शासन स्तर से सर्वशिक्षा और स्कूल चलो जैसे अनेकों अभियान चलाए जा रहे हैं, तो वहीं सेहत के लिए घातक कहलाए जाने वाले काम धंधों से मासूमों को
बचाने के लिए बाल श्रम विभाग का गठन भी किया हुआ है। इसके बावजूद प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों की मनमानी के चलते बच्चों को पढ़ाई-लिखाई छोड़कर स्कूल में सफाई कर्मी की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है।
सिंभावली क्षेत्र के सलोनी गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे सोमवार सुबह को सफाई करने में जुटे हुए थे। बच्चों ने बताया कि स्कूल आते ही सबसे पहले मास्टर जी सफाई कराते हैं, जिसके बाद ही पढ़ाई-लिखाई की बारी आती है।
बच्चों का साफ तौर पर कहना है कि हमसे जबरन सफाई कराए जाने से परिजन बुरी तरह खफा रहते हैं। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि मामले में कई बार अफसरों से शिकायत की गई है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं, हेड मास्टर मांगेराम ने बताया कि स्कूल में सफाई कर्मी के नहीं आने से कभी कभार मजबूरी में बच्चों से ही सफाई करानी पड़ती है।
उधर, ग्राम प्रधान अंजू देवी ने बताया कि सफाई कर्मी को गांव के साथ ही स्कूल में भी सफाई के लिए निर्देशित किया हुआ है। सफाई कर्मी स्कूल में नहीं पहुंचते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एबीएसए मुहम्मद राशिद ने बताया कि अगर बच्चों से सफाई कराई जा रही है, तो सरासर गलत है। मामले की जांच के बाद अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्कूल में सफाई कर्मी के न पहुंचने के विषय में बीडीओ से शिकायत की जाएगी।
वहीं, एसडीएम आरएन पांडेय ने बताया कि बच्चों को पढ़ाई की बजाय सफाई में लगाना गंभीर मामला है, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।