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कैश नहीं मिलने पर भड़के लोग, एनएच-24 पर लगाया जाम

Wed, 23 Nov 2016 08:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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कैश नहीं मिलने पर भड़के लोग - फोटो : अमर उजाला
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एचएच-24 स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बुधवार को कई घंटे लाइन में लगने के बावजूद कैश नहीं मिलने पर लोगों का गुस्सा भड़क उठा। लोगों ने हंगामा करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
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इस दौरान करीब 20 मिनट तक वाहन चालक हाईवे पर जाम में फंसे रहे। बुधवार सुबह आठ बजे से ही लोग नेशलन हाईवे स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा से पैसे निकालने के लिए लाइन में लगे हुए थे। 10 बजे बैंक खुलने पर लोगों के पैसे निकलने शुरू हुए।

दोपहर एक बजे बैंक कर्मियों ने कैश खत्म होने का नोटिस लगा दिया। इस पर सुबह से लाइन में लोगों ने हंगामा कर हाईवे पर जाम लगा दिया। लोगों ने बताया कि सुबह से ही बैंक के बाहर कतार में लगे हैं।
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अब एक बजे कैश खत्म हो गया है। कई दिन से लाइन में लगते हैं और थोड़ी देर में ही कैश खत्म हो जाता है। ऐसे में वह अपने खाते से रुपये कैसे निकालें। वहीं, जाम लगने की सूचना पर कोतवाल अजय अग्रवाल मय फोर्स मौके पर पहुंचे।

उन्होंने लोगों की समझाकर करीब 20 मिनट बाद यातायात सुचारू करवाया। वहीं, बैंक प्रबंधक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जितने रुपये बैंक में आए थे, वो ग्राहकों को बांट दिए गए हैं। अब बृहस्पतिवार को कैश आने पर ग्राहकों को बांटा जाएगा।

लाइन में लगे लोगों को टोकन बांटा गया है। लोग परेशान न हो इसके लिए नंबर के आधार पर कैश बांटा जाएगा। वहीं, कैश नहीं निकलने पर जवाहर बाजार स्थित सेंट्रल बैंक के बाहर भी बुधवार को लोगों ने हंगामा किया।

इस दौरान लोगों की बैंक अधिकारियों से नोंकझोंक भी हुई। बैंक से पैसे निकालने के लिए सैकड़ों लोग कतार में लगे हुए थे, लेकिन 11 बजे कैश खत्म हो गया। इस पर लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।

हंगामा करने वालों में दीपक, सुरेश, संदीप, कुलदीप, हरीश, मोहित सहित अनेक ग्राहक शामिल रहे। वहीं, शाखा प्रबंधक राजपाल तितोरिया ने बताया कि जितना कैश बैंक में आता है, वह लोगों को बांट दिया जाता है। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।

थाना देहात क्षेत्र के पक्का बाग चौराहा से आगे स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में एक वृद्ध ने कैशियर पर रुपये रखने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जांच की,

जिसमें वृद्ध द्वारा रुपये कैशियर को देने की कोई तस्वीर नहीं आई। इसके बाद पुलिस व बैंक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। वहीं, मौके पर पहुंचे वृद्ध के परिजनों ने उसे मानसिक रूप से बीमार बताया, जिसके बाद उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

बैंक प्रबंधक सुनील कुमार ने बताया कि वृद्ध मानसिक रूप से बीमार था। उसके द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।

शहर के बैंकों में 500 और 1000 का नोट बदलने के लिए बुधवार सुबह  ग्रहकों की भीड़ उमड़ गई। इस दौरान बैंकों के बाहर ग्राहकों की कतारें लग गईं। ग्राहकों ने घंटों कतार में लगने के  बाद नोट बदलने पर राहत की सांस ली।

बुधवार सुबह आठ बजे से ही बैंकों  में नोट बदलने के लिए ग्राहक पहुंचने शुरू हो गए थे। बैंकों ने अतिरिक्त काउंटर खोलकर भीड़  को काबू करने की कोशिश की। भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक सुशील कुमार ने बताया कि बैंकों में रुपये जमा करने की पूरी व्यवस्था की गई है।
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