क्षेत्र में बुधवार को बुखार से पांच और लोगों की मौत हो गई। तापमान में गिरावट के बावजूद बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। तीन दिन में ही क्षेत्र में 12 लोगों की मौत बुखार से हुई है। इस सीजन में बुखार ने 123 को मौत के मुंह में धकेला है।
क्षेत्र में लोगों पर बुखार का खौफ मंडरा रहा है। इसके बावजूद सेहत महकमें के अफसर अनजान बनें हैं। तापमान में लगातार गिरावट के बाद भी बुखार का कहर थमने का नाम नीं ले रहा है। बुखार से लगातार हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
गांव हैदरपुर के किसान कृष्ण त्यागी (55) को दो दिन पहले बुखार हुआ था। उन्हें स्थानीय चिकित्सक से दवा दिलाई जा रही थी। मंगलवार रात अचानक हालत बिगड़ गई और सीने में तेज दर्द होने से बाद उनकी मौत हो गई।
मुहल्ला मदरसा में परचून की दुकान करने वाले निजाम धोबी (59) को तीन दिन पहले बुखार हुआ था। परिजन एक स्थानीय चिकित्सक से दवा दिला रहे थे। बुधवार सुबह उनकी तेज बुखार से मौत हो गई।
बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव आलमनगर में कंछिद सिंह के बेटे अनुज (20) को एक सप्ताह पहले बुखार हुआ था। उसकी मंगलवार रात मौत हो गई। वह बीए सेकेंड ईयर का छात्र था। गांव नानई में उमेश कुमार की दो वर्षीय बेटी छवि को आठ दिन पहले बुखार हुआ था।
उसका मेरठ के चिकित्सक से इलाज कराया जा रहा था। हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया और बच्ची की मौत हो गई। तहसील मुख्यालय के पीछे स्थित मुहल्ला आदर्शनगर में श्यामलाल (45) की मंगलवार रात मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि वह दस दिन से बुखार से पीड़ित था। गढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ.एसपी सिंह का कहना है कि मेडिकल जांच में पुष्टि हुए बिना बुखार से मौत होने की सच्चाई सामने आना संभव नहीं है। विभागीय टीम भेजकर मृतकों की मेडिकल जांच और उन्हें दी गई दवाओं की जांच कराई जाएगी।