भवन बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने एचपीडीए द्वारा दिल्ली रोड के सैकड़ों भवन, उद्योगों और उपजाऊ जमीन पर आवासीय योजना बनाने का कड़ा विरोध किया। बुधवार को दिल्ली रोड स्थित कार्यालय पर बैठक कर समिति के पदाधिकारियों ने आगे की रणनीति बनाई।
साथ ही दो महीने बाद भी प्राधिकरण अफसरों द्वारा मुख्य सचिव को आख्या न भेजे जाने पर रोष जताया। भवन बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष ललित कुमार छावनी वालों ने कहा कि हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के अफसरों ने
नियमों को ताक पर दिल्ली रोड के हजारों उद्योगों को उजाड़ने की रूपरेखा तैयार की है। तीन महीने पहले योजना का कड़ा विरोध किया गया था, मुख्य सचिव शासन को भी इस मामले से अवगत कराया गया था।
समिति के प्रवक्ता कुणाल जैन ने कहा कि मुख्य सचिव ने प्राधिकरण के अफसरों ने 10 दिन में आख्या देने के निर्देश दिए थे। उस दौरान अफसरों के आश्वासन पर वह धरने से उठ गए थे,
लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी प्राधिकरण के अफसरों ने आख्या का जवाब मुख्य सचिव को नहीं सौंपा है। इस संबंध में समिति के पदाधिकारी जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।
रमन गोयल ने कहा कि जल्द ही राहत संबंधी कदम नहीं उठाया गया तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। बैठक में पियूष, अंकुश जैन, पप्पू त्यागी, इरफान, हनि सिंह, कांति प्रसाद त्यागी, हितेष नारंग मौजूद रहे।
प्राधिकरण के सचिव एवं वित्त नियंत्रक विश्वजीत राय ने बताया कि तहसीलदार ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। भूखंड/भवन स्वामियों द्वारा कागजात देर से दिए जाने के कारण आख्या भेजने में देरी हुई है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष समिति के समक्ष इस रिपोर्ट को रखकर जल्द मुख्य सचिव को प्रेषित कर देंगे।