बकाया गन्ना भुगतान की मांग कर भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने सोमवार को एनएच-24 पर ततारपुर तिराहे और सिंभावली में अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पांच घंटे जाम लगने से हजारों वाहन हाईवे पर फंसे रहे। दिल्ली और लखनऊ की ओर जाने वाले लोगों को खासी दिक्कत हुई।
हालांकि किसानों ने एंबुलेंस और स्कूली को निकलने से नहीं रोक। वहीं पुलिस ने हापुड़, गढ़ और पिलखुवा में डायवर्जन कर वाहन निकलाने पड़े। सोमवार सुबह भाकियू के जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री और उपाध्यक्ष यशवीर सिंह के नेतृत्व में किसान ततारपुर बाईपास पर जमा हुए।
करीब 12 बजे किसानों ने हाईव पर दोनों ओर अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर जाम लगा दिया और बीच सड़क पर धरना देकर बैठ गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी केवल मूकदर्शक बने रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि 15 दिसंबर से किसानों ने कलक्ट्रेट में गन्ना भुगतान की मांग कर करीब 12 दिनों तक धरना दिया था।
प्रशासन ने धरना समाप्त कराकर आश्वासन दिया था कि मिल की सैकड़ों कुंतल चीनी को सीज कर किसानों की पाई-पाई का हिसाब कराया जाएगा, लेकिन भुगतान न होने पर किसानों को चक्का जाम करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
दोपहर करीब 2:30 बजे भाकियू के राष्ट्रीय सचिव चौधरी सतवीर सिंह, प्रदेशाध्यक्ष कुशलपाल आर्य, जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री, चौधरी यशवीर सिंह, रामपाल सिंह, बबल, टेनपाल सिंह और भगतराम ने अपने-अपने कपड़े उतार दिए और अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया।
वहां पर भावेंद्र राणा, रोबिन, बिट्टू, महेश, भगतराम, जिला पंचायत सदस्य पति लल्लू सिंह, जिला पंचायत सदस्य दीपक चौधरी, सतीश चौधरी, संदीप चौधरी, टिल्लू, मुनेशपाल, सुनील, मुखिया जी, मुन्नू प्रधान, हरवीर सिंह, संजीव कुमार, जितेंद्र बिगास, सुनील शिशौदिया, सुंदर, सतवीर त्यागी, कालीचरण आदि मौजूद रहे।
हाईवे रोकने के लिए दोनों ओर वाहन, लकड़ी आदि गए थे। कुछ बाइक सवार उन्हें हटाकर निकल रहे थे। जिस पर कई लोगों से भाकियू पदाधिकारियों की कहासुनी हुई। बाबूगढ़ की तरफ जाने वाले लोग वाहनों से उतरकर पैदल कई किमी तक का सफर निकल गए।