एनएच-235 से प्रभावित 20 गांवों के सैकड़ों किसान बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में होने वाली सुनवाई में भाग लेने के लिए पहुंचे, लेकिन प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम के चलते सुनवाई टाल दी गई।
इसके बाद किसानों ने एडीएम को विभिन्न समस्याओं के संबंध में जानकारी दी। काफी देर इंतजार के बाद किसान बैरंग लौट गए। एनएच-235 हाईवे निर्माण में सादिकपुर, धनौरा, असौड़ा, अब्दुल्लापुर मोड़ी,
पटना सहित 20 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। संबंधित किसान मुआवजा राशि को लेकर नाखुश हैं। बीते दिनों गांव धनौरा में किसान जयभगवान त्यागी के नेतृत्व में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग कर्मियों को काम करने से रोक दिया था।
इस समस्या से ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए डीएम की अध्यक्षता में ग्रामीणों और राष्ट्रीय राजमार्ग अफसरों की सुनवाई शुरू की गई। बुधवार को भी इस मामले में सुनवाई होनी थी, लेकिन राज्यमंत्री के कार्यक्रम के चलते डीएम व्यस्त रहे।
परेशान ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं से एडीएम को अवगत कराया। इस दौरान मुकेंद्र, पवन कुमार, गजेंद्र त्यागी, अशोक त्यागी, मनीष कुमार, सहदेव, धर्मवीर, धनेश त्यागी, धर्मेंद्र, जगवीर, गजेंद्र, दिनेश कुमार, अमर पाल सिंह सहित अनेक किसान मौजूद रहे।