प्रदेश में किसानों की हालत बदतर है। केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं को एजेंडा बनाकर राजनीतिक रोटियां सेकने में लगी हैं। रालोद सुप्रीमो अजित सिंह की हार से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। क्योंकि संसद में उनके अलावा कोई नेता किसानों की आवाज नहीं उठा रहा है।
ये बात भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कही। नरेश टिकैत शुक्रवार को गांव नली हुसैनपुर स्थित रालोद युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष गौरव प्रताप के आवास पर आए थे। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों को अच्छे दिनों का सपना दिखाकर सत्ता में आईं लेकिन अब दोनों सरकारों का रवैया बदल चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी दौरों पर करोड़ों रुपये खर्च रहे हैं। यहां किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच चुका है। किसान 25 फीसदी गन्ना मिलों पर डाल चुके हैं। लेकिन अभी तक गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि भाकियू, रालोद हमेशा किसानों के हित में कार्य करती हैं।
रालोद युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष गौरव प्रताप ने कहा कि रालोद किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठा रही है। किसानों के शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इस मौके पर नरेंद्र सिंह चेयरमैन, प्रमोद प्रधान, मनोज प्रधान, मायाराम सिंह, समीर चौधरी, योगेंद्र प्रधान, कुशल प्रताप, जसवंत त्यागी मौजूद रहे।