गंगा का जलस्तर घटने से खादर क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि मानसून का आगमन होने पर तहसील प्रशासन ने जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं।
गंगा के जलस्तर में गिरावट होने से गढ़ खादर क्षेत्र के दो दर्जन गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों समेत निचले जंगल की फसलें बर्बाद होने की आशंका से भयभीत किसानों की बेचैनी कम हो गई है। लेकिन वैस्टर्न यूपी समेत आसपास के राज्यों में मानसून का आगमन हो चुका है।
इससे अगले कुछ दिनों में मैदानों समेत पहाड़ों में झमाझम बारिश का सिलसिला चालू होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके मद्देनजर तहसील प्रशासन ने एहतियाती तौर पर अपनी तैयारी पूरी करने का दावा किया है।
केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी संत कुमार ने बताया कि सोमवार को ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में 59 सेंटीमीटर की गिरावट आई है। इससे जलस्तर घटकर समुद्रतल से 197.17 मीटर के निशान पर आ गया है।
वहीं नायब तहसीलदार एके शर्मा का कहना है कि गंगा के जलस्तर में अप डाउन का क्रम चल रहा है। इससे फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
उन्होंने बताया कि मानसून का आगमन होने के मद्देनजर तहसील प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके तहत पहले से ही चयनित स्थानों पर राहत चौकियों को सतर्क कर दिया गया है।