बारिश के मौसम सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। आलम यह है कि दस दिन पहले तक 40 रुपये बिकने वाला टमाटर इन दिनों 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। अन्य कई सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं। महंगाई के चलते टमाटर गरीबों की थाली से दूर हो रहा है।
सात दिन पहले तक आलू टमाटर की सब्जी गरीबों के घर में रोज बन रही थी। सलाद में टमाटर सुबह-शाम शामिल दिखाई दे जाते थे। लेकिन इस समय टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे थाली का स्वाद बिगड़ रहा है।
शाही पनीर, कड़ी पनीर, एग करी, फिश करी, आलू गोभी, मटर पनीर, दाल फ्राई, फ्राइड राइस आदि डिश में टमाटर की कीमतों का ख्याल दिमाग में आते ही लोग इनसे तौबा करने को मजबूर हैं।
मध्यम वर्ग और निचले वर्ग के लोगों का महंगाई के चलते खाने का स्वाद फीका हो गया है। टमाटर पर लगे के ग्रहण से गृहणियां सबसे ज्यादा परेशान हैं। इसके अलावा अरवी, भिंडी, टिंडा, तोरी, करेला, शिमला मिर्च, लोकी आदि सब्जियों के दाम भी अच्छे खासे बढ़ गए हैं।
डाकघर के सामने सब्जी की दुकान लगाने वाले कमल सैन ने बताया कि इस समय मानसून के चलते सब्जियों के दाम बढ़े हैं। थोक रेट ही ज्यादा हो गया हैं, जिससे फुटकर के दाम भी बढ़ गए हैं।