नोटबंदी के 51 दिन बाद भी कैश की किल्लत बरकरार है। कैश की किल्लत ने जिले में एक और व्यक्ति की जान ले ली है। कैश निकालने के लिए बदनौली स्थित सिंडीकेट बैंक के बाहर सुबह से लाइन में लगे
कस्तला कासमाबाद गांव निवासी किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि किसान कई दिनों से कैश निकालने की कोशिश कर रहा था, मगर उसे कैश नहीं मिल पा रहा था। किसान की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक कस्तला कासमाबाद गांव निवासी किसान सुंदर सिंह (40) को पैसों की सख्त जरूरत थी। मंगलवार को वह कैश निकालने के लिए बदनौली स्थित सिंडीकेट बैंक की शाखा पहुंचा था। वह बैंक के बाहर लगी लंबी कतार में खड़ा था।
इस दौरान अचानक सीने मे दर्द होने के कारण वह जमीन पर गिर गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आनन-फानन में उसे हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
सुंदर के चाचा कमल सिंह ने बताया कि वह कई दिन से पैसों को लेकर परेशान था। बैंक से पर्याप्त कैश नहीं मिलने के कारण उसे काफी टेंशन हो रही थी। इसी वजह से उसे हार्टअटैक हुआ था। वहीं, सुंदर सिंह की मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया।
वहीं, एलडीएम एपी चतुर्वेदी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। बैंकों में पर्याप्त कैश भेजा जा रहा है, कैश किल्लत से ग्राहकों को परेशानी नहीं हो रही है। मामले की जांच कराई जाएगी।