दूरदराज के खेतों में सोलर पंप लगाकर फसलों की सिंचाई का सपना देख रहे किसानों के लिए बुरी खबर है। क्योंकि सोलर पंप के देखरेख की जिम्मेदारी किसान की होगी।
सोलर पैनल चोरी होने या डैमेज होने पर कृषि विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। हालांकि सोलर पंप की पांच साल की वारंटी मिलेगी।
केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा फसलों की सिंचाई के लिए शुरू की गई सोलर पंप योजनांतर्गत कृषि विभाग में आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन आवेदन फार्म पर साफ है कि सोलर पंप के देखरेख की जिम्मेदारी किसान की होगी। सोलर पैनल चोरी होने या डैमेज होने पर कृषि विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
बता दें कि इन दिनों नलकूपों पर लगे मोटर, स्टार्टर, केबिल तक को चुराया जा रहा है। ऐसे में खेतों पर लगने वाले लाखों रुपये के सोलर पैनल सुरक्षित रह पाएंगे यह बड़ा सवाल है।
आवेदन फार्म से स्पष्ट है कि सोलर पंप की पांच साल की वारंटी मिलेगी। पांच साल के अंदर पंप में कोई भी तकनीकी खराबी आने पर उसे बिना शुल्क के ठीक कराया जाएगा।
उप कृषि निदेशक एएन मिश्रा का कहना है कि इच्छुक किसान सोलर पंप के लिए विभाग में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन फार्म पर तमाम शर्तें अंकित की गई हैं।