हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम ने युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में मंगलवार को निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 21 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
हापुड़ नगर कोतवाली क्षेत्र निवासी युवती ने थाने में तहरीर दी। जिसमें कहा कि आकाश उर्फ अक्कू ने बहला फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी आकाश ने कहा कि वह उससे शादी कर लेगा। जब आरोपी को बताया कि वह वह गर्भवती है और उसके बच्चे की मां बनने वाली है, तो आरोपी ने शादी से इन्कार कर दिया।
पुलिस ने मामले में दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम में चल रही थी। अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में मजबूत साक्ष्य व कई गवाह पेश किए। अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी ने पीडि़ता के साथ दुष्कर्म जैसा गंभीर अपराध किया है। इसलिए आरोपी को अपराध की प्रकृति देखते हुए अधिकतम दंड से दंडित किया जाए। वहीं, आरोपी के अधिवक्ता ने इसको आरोपी को प्रथम अपराध बताते हुए कम से कम सजा दिए जाने की बता कही।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश मिताली गोविंद राव ने मामले के आरोपी आकाश को सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को साढ़े छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।