जिले में इन दिनों आलू की खुदाई का काम तेजी से चल रहा है। बुधवार सुबह हल्की बूंदा बांदी से आलू किसानों की धड़कने बढ़ने लगीं। तेज बारिश से आलू में गलन फैलना स्वाभाविक है। किसी भी तरह किसान आलू को कोल्ड स्टोर तक पहुंचाने की जल्दबाजी में लगे हैं।
इस बार जिले में सरकारी आकंड़ों के मुताबिक 3500 हेक्टेयर रकबे पर आलू की फसल बोई थी। हालांकि किसान आलू का रकबा 4500 हेक्टेयर बता रहे हैं। इन दिनों आलू की खुदाई चल रही है।
आलम यह है कि कोल्ड स्टोरेज में आलू से लदे ट्रैक्टर ट्रॉली की लंबी कतारें लगी हैं। मौसम के बदलते मिजाज से अब आलू उत्पादक किसानों की परेशानी बढ़ गई हैं। बुधवार सुबह हल्की बूंदा बांदी शुरू हुई। इससे किसानों के होश उड़ने लगे।
आलू की फसल खुले आसमान के नीचे पड़ी है। तेज बारिश होने पर आलू के ढेर में गलन शुरू हो जाती है। हालांकि बूंदा बांदी के बाद तेज धूप खिलने से किसानों ने राहत मिली।
हालांकि मौसम में बदलाव से अब किसान आलू को कोल्ड स्टोरेज पहुंचाने की जल्दबाजी में हैं।
जिला उद्यान अधिकारी एनके सहानिया का कहना है कि फिलहाल हल्की बूंदाबांदी से आलू की फसल को कोई नुकसान नहीं है। तेज बारिश के बाद तेज धूप से जरूर आलू की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।