फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएम साहब! ऐसे कैसे होगा गरीब बच्चों का सपना साकार

Mon, 05 Sep 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
विज्ञापन
विद्यालय - फोटो : dummy picture
विज्ञापन
जिले में संचालित निजी स्कूलों में आधा शैक्षिक सत्र समाप्त हो चुका है। आरटीई के तहत चयनित 220 गरीब छात्रों को अभी तक भी प्रवेश नहीं मिल सका है। प्रशासनिक स्तर पर इन बच्चों की फाइलें लंबित पड़ी हैं। दो बार फाइलों को खामियों के चलते वापस भी कर दिया गया है।
विज्ञापन


अब संबंधित एसडीएम बच्चों के प्रमाण पत्रों की जांच करा रहे हैं, इससे प्रवेश में देरी होती जा रही है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकार ने निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को निशुल्क पढ़ाना अनिवार्य किया था। इसी क्रम में जिले से 220 छात्रों को प्रवेश का पात्र माना गया। इनकी सूची व प्रमाण पत्र भी बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने तैयार कर लिए हैं।

खामियों के चलते दो बार प्रशासनिक स्तर से इन फाइलों को वापस कर दिया गया है। जबकि निजी स्कूलों में आधा शैक्षिक सत्र बीत चुका है। ऐसे में चयनित छात्र कैसे अपना कोर्स पूरा कर पायेंगे इसका जवाब किसी के पास नहीं है। बहरहाल अब फाइलें संबंधित एसडीएम के पास पहुंच चुकी हैं।
विज्ञापन


चयनित छात्रों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन का कार्य शेष बचा है। यह कार्य कितने दिन में पूरा होगा, इसकी जानकारी बेसिक अफसरों को नहीं है। आलम यह है कि जिले में आरटीई का मखौल उड़ाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि चयनित छात्रों की फाइलें संबंधित  एसडीएम को सौंप दी गई हैं। प्रमाण पत्रों की जांच के बाद ही छात्रों का प्रवेश हो सकेेगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें