संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। अधिकारियों के हवा-हवाई दावों के कारण जिले का वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में बना है। सोमवार को भी वायु प्रदूषण ने रिकॉर्ड तोड़ा है। सोमवार को औसत एक्यूआई 416 दर्ज हुआ है। सुबह से लेकर शाम तक औसत एक्यूआई गंभीर श्रेणी में बना रहने से लोग सांस लेने और आंखों में जलन की समस्या से परेशान रहे।
औद्योगिक इकाइयों से निकलता धुआं, सड़कों से उड़ती धूल, खुले में रखी निर्माण सामग्री, जलता कूड़ा आदि के कारण जिले का वायु प्रदूषण लगातार गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। दीपावाली से लेकर करीब सवा महीने बाद भी जिले की हवा एक दिन भी शुद्ध नहीं रही है। ऐसे में अब लोग खांसी और अन्य बीमारियों से परेशान हो रहे हैं।
तमाम दावों के बाद भी खेतों में जगह-जगह पराली जल रही है और फैक्टरियों की चिमनियों से जहरीला धुआं निकल रहा है। इसके बाद भी अधिकारी आंखें बंद करके बैठे हैं। कार्रवाई के नाम पर इतिश्री की जा रही है।
जबकि, जिले में ग्रेप का तीसरा चरण लागू है। इसके बाद भी वायु प्रदूषण कम होने की बजाए बढ़ रहा है। वहीं, अधिकारी पूरी तरह से हवा की रफ्तार की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। सोमवार को भी मात्र पांच किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली है। इस कारण भी वायु प्रदूषण अधिक फैल रहा है। हवा की गति बढ़ने से कुछ राहत जरूर मिलने की उम्मीद है।
सोमवार को वाहनों का संचालन भी रहा अधिक
सोमवार को वाहनों का अधिक संचालन भी होता है, जिल कारण भी एक्यूआई बढ़ा है। वाहनों का अधिक संचालन भी सोमवार को एक्यूआई बढ़ाता है। औसत एक्यूआई पर नजर डालें तो पिछले कुछ समय के मुकाबले सोमवार को यह तीसरी बार जिले का सबसे अधिक एक्यूआई दर्ज हुआ है, जो चिंता का विषय है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता विपुल कुमार ने कहा कि नगर पालिकाओं को सड़कों पर पानी के छिड़काव करने के आदेश दिए गए हैं, जिससे कि धूल न उड़ें। प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर भी कार्रवाई जारी है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास जारी है।
-जिले में सुबह से शाम तक की स्थिति -
समय अधिकतम एक्यूआई
सुबह छह बजे 431
सुबह आठ बजे 433
दस बजे 433
दोपहर 12 बजे 429
दोपहर दो बजे 420
शाम चार बजे 416
छह बजे 415
(नोट : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार।)