अंग्रेजी शासन काल के ढर्रे पर चल रही पुलिस अब हाइटेक होने जा रही है। जिले के थानों को एक सप्ताह के भीतर ऑनलाइन कर दिया जाएगा। थानों में रजिस्टर में दर्ज होने वाली दिनचर्या और रिपोर्ट अब आनलाइन दर्ज होंगे।
ऑफिस में कंप्यूटर लगाने के साथ ही थानों की मॉनिटिरिंग एक क्लिक पर ही प्रदेश पुलिस के अधिकारियों द्वारा की जा सकेगी। इस योजना से पुलिस की ड्यूटी में होने वाला खेल भी रुक जाएगा। ऐसे में थाने पेपर लैस होंगे।
जिले के थानों को सीसीटीएनएस प्रणाली के तहत जोड़ने का कार्य चल रहा है। इस प्रणाली के तहत अभी तक जनरल डायरी में कागज पर हाथ से लिखकर रिपोर्ट दर्ज कर कंप्यूटर पर दर्ज किया जाता था, लेकिन अब पुलिस की जनरल डायरी भी कंप्यूटर पर ही चलेगी।
इसमें पुलिस के रुटीन वर्क के समय के साथ ही फरियादी का भी समय बचेगा। इस योजना के तहत जिले के प्रत्येक थानों में एक-एक कंप्यूटर मिलेगा। इसकी शुरूआत हापुड़ नगर थाने से बुधवार को की जाएगी।
उसके बाद जिले के अन्य थानों में शामिल गढ़, पिलखुवा व सिंभावली में कंप्यूटर लगाए जाएंगे। इस कंप्यूटर का सर्वर पुलिस मुख्यालय से जुड़ा होगा। एक क्लीक पर ही एसपी सहित आला अधिकारी डायरी पर निगाह रख सकेंगे।
एसपी अलंकृता सिंह का कहना है कि थानों में आनॅलाइन एफआईआर दर्ज हो रहीं हैं। इसके साथ ही अब थानों के ऑफिस में कंप्यूटर लगाकर जनरल डायरी भी कंप्यूटर पर लिखवाई जाएगी। इससे समय और कागज दोनों की बचत होगी। जल्द ही जिले के थानों को यह सौगात दी जाएगी।
ये होती है जनरल डायरी
पुलिस विभाग में जनरल डायरी के बिना कार्य संभव नहीं है। जनरल डायरी में पुलिस की सरकारी कार्य में आने जाने की स्थिति दर्ज की जाती है। साथ ही रिपोर्ट भी इस डायरी में लिखा जाता है। इसके अलावा थानों में होने वाला प्रत्येक सरकारी कार्य भी इस डायरी में ही होता है।
पुलिस विभाग में ड्यूटी के खेल पर लगेगी रोक
पुलिस विभाग में ड्यूटी के खेल के लिए जनरल डायरी विभाग में मशहूर है। इस डायरी में ड्यूटी पर तैनात मुंशी से लेकर थानेदार अपना पूरा हक जमाते हैं। मनमानी कर रवानगी की जाती है।
जनरल डायरी में अंकित होने वाला समय आगे पीछे करने का खेल कर जेब भी भरी जाती है। कई बार पुलिस कर्मी के साथ ड्यूटी से अलग अनहोनी पर भी इस जनरल डायरी में उसे ड्यूटी पर दर्ज कर लिया जाता है। ऐसे में अब यह मनमानी नहीं चल सकेगी।