सिंभावली। सिंभावली चीनी मिल में अप्रैल माह में हुए आंदोलन के दौरान 14 दिनों तक गैर हाजिर रहने वालों कर्मियों का वेतन न काटने के साथ ही बोनस और ओवर टाइम के मुद्दे पर सहमति बन गई है। चीनी मिल में तीन सप्ताह से चल रहा कर्मचारियों का आंदोलन शुक्रवार को समाप्त हो गया है।
ओवर टाइम और रिटेनरशिप के भुगतान की मांग को लेकर सिंभावली चीनी मिल के कर्मचारियों ने कई दिनों तक धरना प्रदर्शन करते हुए कामकाज का बहिष्कार कर दिया था। मिल प्रबंधन ने नो वर्क तो नो पेमेंट का हवाला देकर 106 कर्मचारियों का करीब 13 लाख का वेतन काट लिया था। इससे नाराज होकर लेबर यूनियन ने एक बार फिर से आंदोलन का राह पकड़ ली थी। दो सप्ताह तक सांकेतिक धरना देने के बाद करीब ढाई सौ कर्मचारी 10 अक्तूबर को कामकाज का बहिष्कार करते हुए मिल परिसर में धरने पर बैठ गए थे। कामकाज ठप होने से आगामी पेराई सत्र चालू होने को लेकर संशय गहराता जा रहा है। इसका पता लगने पर क्षेत्रीय विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया शुक्रवार को दूसरे दिन भी धरना स्थल पर पहुंच गए। जहां उनकी मौजूदगी में मिल के महाप्रबंधक करण सिंह, सीजीएम तकनीकी मनोज गोयल, केपी राणा, प्रशासनिक अधिकारी दिनेश शर्मा ने धरना स्थल पर पहुंचकर मिल कर्मियों से लंबी वार्ता की। इसमें दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनने पर मिल कर्मियों ने अपना आंदोलन समाप्त करते हुए कामकाज पर वापस लौटने की घोषणा कर दी। सिंभावली शुगर मिल की लेबर यूनियन के अध्यक्ष नारायण सिंह ने बताया कि विधायक की मौजूदगी में हुई वार्ता के दौरान मिल प्रबंधन एक साल के रुके हुए बोनस का आज भुगतान करने, ओवर टाइम का क्लेम फाइल कराने और अप्रैल माह में किए गए आंदोलन के दौरान 14 दिनों तक गैर हाजिर रहे 106 कर्मचारियों के रोके हुए करीब 13 लाख का वेतन 24 अक्तूबर को अदा करने का वादा किया है। विधायक ने कहा कि मिल प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच आपसी सहमति बनने से आगामी पेराई सत्र को लेकर चल रहीं तैयारी समय पर हो जाएंगी। इससे निर्धारित समय पर मिल चालू होने से किसानों को अपना गन्ना कोल्हू क्रेशरों पर सस्ते दाम में बेचने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। इस दौरान पवन त्यागी, गौरव राठी, उमेश चौधरी, विरेश शर्मा, अरुण त्यागी, हशमत अली, मनोज सैनी, दिनेश शर्मा सौ से भी अधिक कर्मचारी मौजूद रहे।