ब्रजघाट। आषाढ़ माह की भौमवती अमावस्या पर मंगलवार को बढ़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। स्नान करने के लिए सोमवार शाम से ही दूर-दराज के प्रदेशों से भक्तों का आगमन शुरू हो गया। वहीं, देश के प्रथम गंगा ग्राम पुष्पावती पूठ और कार्तिक पूर्णिमा मेला स्थल (लठीरा घाट) पर भी स्थानीय श्रद्धालु गंगा स्नान कर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करेंगे।
पंडित मुनेंद्र तिवारी ने बताया कि ज्येष्ठ आषाढ़ माह की अमावस्या का आगमन सोमवार की शाम छह बजकर 50 मिनट पर हो चुका है। मंगलवार को दोपहर तीन बजकर 14 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि होने के कारण मंगलवार को ही गंगा स्नान, पितरों का तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य किया जाएगा।
मंगलवार को होने के कारण इसे को भौमवती अमावस्या भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान कर अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, दान और पूजन करना विशेष फलदायी माना जाता है। जिस कारण मां गंगा के तट पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान है।
कोट
आषाढ़ अमावस्या पर गंगा स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। गंगा के तट, बाजार, सडक़ों पर सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने का निर्देश कर्मियों को दिया गया है। गंगा में बैरिकेडिंग सही कराने के साथ ही नाविक-गोताखोरों की तैनाती की गई है। - पवित्रा त्रिपाठी, ईओ पालिका
अमावस्या पर जाम संभावित स्थानों पर पुलिस के साथ ही यातायातकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। हाईवे पर खराब होने वाले वाहनों को हटाने के लिए क्रेन की भी व्यवस्था रहेगी। घाटों, बाजारों में सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। - राहुल यादव, सीओ